कांग्रेस ने ओली सरकार के कामों पर जताई असंतोष
काठमांडू। नेपाली कांग्रेस ने स्वयं गठबंधन में शामिल होने के बावजूद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर असंतोष जताया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की गति सुस्त है और जनता के मन में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
रविवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में हुई कार्यसम्पादन समिति की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार के कामकाज को लेकर कड़ी आलोचना की। बैठक में फरमुल्लाह मन्सूर, महेंद्र यादव, जीवन परियार, विमलेन्द्र निधि, अर्जुननरसिंह के.सी., डॉ. प्रकाशशरण महत, डॉ. शेखर कोइराला, बलबहादुर के.सी., ज्ञानेन्द्रबहादुर कार्की, डॉ. नारायण खड़का, सुजाता कोइराला और एनपी साउद सहित अधिकांश नेताओं ने सरकार के कामों को लेकर नाखुशी जाहिर की।
नए विकास कार्यक्रम लाने का निर्देश
बैठक में नेताओं ने सरकार की निष्क्रियता पर चिंता जताते हुए, जनहितकारी और प्रभावी विकास योजनाएं लाने की आवश्यकता बताई। पूर्व उपसभापति गोपालमान श्रेष्ठ के अनुसार, पार्टी ने सरकार में शामिल अपने मंत्रियों को जनता से जुड़े कार्यक्रम लाने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस के अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा ने बैठक के दौरान उपप्रधानमंत्री प्रकाशमान सिंह, गृहमंत्री रमेश लेखक और पर्यटन मंत्री बद्री पांडे को कार्यसमिति से समन्वय कर नए कार्यक्रम लाने का निर्देश दिया। श्रेष्ठ ने कहा, “जनता सरकार से असंतुष्ट है। दो बड़े दलों की सरकार होने के बावजूद विकास का असर जनता को महसूस नहीं हो रहा। इसलिए नए कार्यक्रमों को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया गया है।”
भ्रष्टाचारियों और तस्करों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार को भ्रष्टाचार और सुशासन के मुद्दों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी। कांग्रेस नेताओं ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, तस्करी और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर सख्त कदम उठाएं। श्रेष्ठ ने कहा, “मंत्रियों से कहा गया है कि वे बिना किसी पक्षपात के भ्रष्टाचारियों और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।”
मंत्रियों के प्रदर्शन से असंतोष
बैठक में मंत्रियों के कार्यसम्पादन पर भी चर्चा हुई, जिसमें यह पाया गया कि कांग्रेस के कुछ मंत्रियों का प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा। माघ (जनवरी-फरवरी) तक किए गए मूल्यांकन में केवल चार मंत्रियों को 50 से अधिक अंक मिले, जबकि अन्य का प्रदर्शन कमजोर रहा।
सबसे कम अंक प्राप्त करने वालों में युवा एवं खेलकूद मंत्री तेजुलाल चौधरी (15.3), शहरी विकास मंत्री प्रकाशमान सिंह (26.25), कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी (29.4) और वन मंत्री ऐनबहादुर शाही (36.65) शामिल हैं। इसको लेकर वरिष्ठ नेताओं अर्जुननरसिंह के.सी., डॉ. शेखर कोइराला और डॉ. नारायण खड़का ने मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बैठक के बाद पार्टी के कार्यवाहक मुख्य सचिव प्रदीप पराजुली ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, “नेपाली कांग्रेस का मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और सुशासन को मजबूत कर जनता के विश्वास को बहाल किया जा सकता है। पार्टी इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
बैठक में सरकार की धीमी कार्यशैली पर नाराजगी जताई गई और मंत्रियों को निर्देश दिया गया कि वे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप ठोस विकास योजनाएं लाएं। साथ ही, भ्रष्टाचारियों और तस्करों पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करने की मांग की गई। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि सरकार की डिलीवरी बेहतर होती है तो जनता का असंतोष भी कम हो सकता है।


