Wed. Aug 12th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

वालीवुड के दिग्गज अभिनेता, देशभक्ति फिल्माें के पर्याय, मनोज कुमार का निधन

 

काठमान्डू 4 अप्रैल

सिनेमा जगत को तीन दशक में ढेरों सुपरहिट देने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे।भारत कुमार कहे जाने वाले मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह कुछ दिनों से मुंबई स्थित एक अस्पताल में भर्ती थे।
मनोज कुमार के जाने से फिल्मी दुनिया को एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने जब तक बड़े पर्दे पर काम किया, तब तक उन्हें जनता के दिलों पर राज किया है। उनका जाना वाकई एक बड़ी क्षति है। उन्होंने भले ही दो दशक पहले आखिरी फिल्म की हो, लेकिन उनकी फिल्मों का असर हमेशा दर्शकों पर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज कुमार का निधन शुक्रवार की सुबह हुआ है। उन्हें हार्ट से रिलेटेड कॉम्प्लीकेशंस की वजह से कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल द्वारा जारी किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के मुताबिक, निधन का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस है।मनोज कुमार के निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। फैंस के साथ-साथ सेलिब्रिटीज भी दुख जाहिर कर रहे हैं। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी दिग्गज अभिनेता के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा, “मनोज कुमार जी, जो दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित थे और हमारी प्रेरणा थे, अब हमारे बीच नहीं रहे। यह फिल्म उद्योग के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी।”
क्यों कहा गया मनोज को भारत कुमार?
24 जुलाई 1937 को जन्मे मनोज कुमार का असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी था। यूं तो उन्होंने बड़े पर्दे पर कई किरदारों में जान डाली है, लेकिन उन्हें देशभक्ति से भरी फिल्मों के लिए ज्यादा पहचान मिली है। इसी वजह से उन्हें भारत कुमार कहा जाता था।
शायद ही आपको मालूम हो कि साल 1967 में मनोज कुमार ने फिल्म उपकार बनाई थी, वो भी लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर। मगर दुख की बात थी की कि फिल्म की रिलीज से पहले ही शास्त्री जी का निधन हो गया था और वह यह फिल्म नहीं देख पाए थे। उन्होंने आखिरी बार फिल्म मैदान-ए-जंग में अभिनय किया था, जबकि 1999 में उन्होंने जय हिंद में आखिरी बार निर्देशन किया। फिर उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली थी।
भारतीय सिनेमा में अपने शानदार योगदान के लिए मनोज कुमार ने कई अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्मश्री और 2016 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा, उन्हें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिले, जिनमें 1968 में ‘उपकार’ के लिए बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्टोरी और बेस्ट डायलॉग के अवॉर्ड शामिल हैं। उन्हें एक नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com