सरकार निजी क्षेत्र को सुविधा प्रदान करने के लिए कानून का मसौदा तैयार कर रही है : मंत्री खडका
ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री दीपक खड़का ने कहा है कि सरकार निजी क्षेत्र को सुविधा प्रदान करने के लिए कानून का मसौदा तैयार करने पर काम कर रही है।
285 मेगावाट के पनबिजली संयंत्र में इस्तेमाल होने वाली सुरंग बोरिंग मशीन के लिए चीन रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी के साथ कल रात आयोजित एक हस्ताक्षर समारोह में तमोर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि यह परियोजना 285 मेगावाट के पनबिजली संयंत्र में इस्तेमाल होने वाली सुरंग बोरिंग मशीन के लिए है। लिमिटेड ताप्लेजुंग में तमोर नदी पर निर्माण करने की योजना बना रही है, मंत्री खड़का ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को बढ़ावा देकर ऊर्जा क्षेत्र का विकास करना चाहती है।
उन्होंने कहा, “सरकार ऐसे कानून बनाना चाहती है जिससे निजी क्षेत्र के लिए काम आसान हो और निजी क्षेत्र से यथासंभव अधिक कर वसूल कर देश समृद्ध बने। हमने अध्यादेशों के माध्यम से शीघ्रता से कानून बनाए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निजी क्षेत्र को साथ लाकर देश समृद्ध हो।”
मंत्री खड़का ने कहा कि सरकार ने 2035 तक 28,500 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है और विश्वास व्यक्त किया कि सुरंग खोदने वाली मशीनों जैसी तकनीक इस लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि संसाधनों का उपयोग करके जलविद्युत स्टेशन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित होगा।
मंत्री खड़का ने कहा, “सरकार जलविद्युत परियोजनाओं के लिए संपार्श्विक प्रदान करके गरीब और वंचित समूहों के लिए 200,000 रुपये से 500,000 रुपये तक के शेयरों की व्यवस्था करने की योजना बना रही है, क्योंकि सभी नागरिकों को संसाधनों पर समान अधिकार है और गरीबों को भी संसाधनों का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए। इसमें निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि एक वर्ग और समुदाय समृद्ध है तो देश समृद्ध नहीं हो सकता।
मंत्री खड़का ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थित नेपाल को दोनों देशों के निवेशकों को आकर्षित करने से लाभ होना चाहिए। सीपीएन-यूएमएल सचिव योगेश भट्टाराई ने कहा कि 1991 में परिवर्तन के बाद सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों के कारण ऊर्जा क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने बताया कि नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सचिव भट्टराई ने कहा कि तमोर परियोजना के निर्माण से ताप्लेजुंग जिला, संपूर्ण कोशी प्रदेश एवं देश को लाभ मिलेगा।
तमोर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की अध्यक्ष पुष्पा ज्योति ढुंगाना ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना नेपाल में वर्तमान लोड शेडिंग को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना का निर्माण 51 अरब रुपये के निवेश से किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य अगले चार वर्षों में पूरा करना है। इसमें से 12 अरब रुपए निवेशकों से, 8 अरब रुपए सार्वजनिक शेयरों से, 29 अरब रुपए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए हैं तथा शेष 2 अरब रुपए का भुगतान लाइट चालू होने के बाद किया जाएगा।
चाइना रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी के प्रतिनिधि लू शियाओरोंग ने कहा कि सभी के समर्थन और सहयोग से परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी नेपाल के आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। कंपनी ने अब तक 100 से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं बनाई हैं।

