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कार्यवाहक प्रधानमंत्री समेत की सरकारी टीम द्वारा बुलाई गई वार्ता में शिक्षक महासंघ नहीं गया

 

महासंघ की सह-अध्यक्ष बोलीं: ‘वार्ता को खारिज किया, अंतिम लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे’

“वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन हमने वार्ता को खारिज कर दिया। हमें वार्ता नहीं, शिक्षा अधिनियम चाहिए,” आंदोलन परिचालन समिति की संयोजक एवं महासंघ की सह-अध्यक्ष नानुमाया पराजुली ने कहा। उन्होंने आगे कहा, “हम आंदोलन के मैदान में हैं। सिंहदरबार (सरकारी सचिवालय) नहीं जाएंगे।”

काठमांडू, 4 अप्रैल – आंदोलनरत शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधियों को कार्यवाहक प्रधानमंत्री प्रकाशमान सिंह समेत की टीम ने आज दोपहर 3 बजे सिंहदरबार में वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन महासंघ ने वार्ता को खारिज कर दिया।

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गुरुवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री सिंह की अध्यक्षता में सरकारी अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी, जिसके बाद महासंघ को वार्ता के लिए बुलाया गया। आज होने वाली इस बैठक में गृह मंत्री, मुख्य सचेतक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होने वाले थे। हालांकि, महासंघ की टीम इस वार्ता में शामिल नहीं हुई, लेकिन सरकारी पक्ष के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे।

शिक्षा अधिनियम जारी करने की मांग को लेकर देशभर से शिक्षक काठमांडू पहुंचे हैं। वे 20 मार्च से राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षक महासंघ का कहना है कि 2080 असोज (अक्टूबर 2023) में हुए समझौते के तहत सरकार को शिक्षा अधिनियम लागू करना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।

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बार-बार समझौता कर सरकार द्वारा वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए महासंघ ने इस बार केवल सहमति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग की है। महासंघ ने इसे ‘अंतिम लड़ाई’ बताते हुए सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

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