विराटनगर में ‘कोशी निवेश शिखर सम्मेलन 2082’ का आयोजन
विराटनगर -17 अप्रैल
कोशी प्रदेश सरकार 18 और 19 गते बैसाख को विराटनगर में ‘कोशी निवेश शिखर सम्मेलन 2082’ का आयोजन कर रही है। पहली बार आयोजित होने वाले प्रदेश स्तर के सम्मेलन में 139.30 अरब और 5.2 अरब रुपये के संभावित निवेश वाली 54 परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
सम्मेलन के सचिवालय समन्वयक और प्रदेश सरकार के सचिव पवन कुमार तिमिल्सेना ने कहा कि सम्मेलन का आयोजन संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और पूंजी निर्माण, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के लिए उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था।
इससे पहले, सम्मेलन को माघ 11-13 तक आयोजित करने की तैयारी की गई थी, लेकिन समय की कमी और निजी क्षेत्र से मतभेद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। निजी क्षेत्र के साथ सहयोग को आगे बढ़ाते हुए सम्मेलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
प्रदेश निवेश प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरोज कोइराला ने कहा कि सबसे बड़ा निवेश औद्योगिक क्षेत्र पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में 65.4 अरब रुपये की नौ परियोजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। सबसे बड़ी परियोजना उदयपुर में उदयपुर क्लिंकर परियोजना है, जिसकी लागत 32 अरब रुपये है। इसके अलावा, सुनसरी और उदयपुर को कवर करने वाली 26 अरब रुपये की हरित हाइड्रोजन और रासायनिक उर्वरक परियोजना भी सम्मेलन में मुख्य आकर्षण के रूप में प्रदर्शित की जाएगी।
पर्यटन क्षेत्र की पंद्रह परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी, जिनकी कुल लागत 35 अरब 97 करोड़ 52 लाख रुपये है। इनमें से सबसे बड़ी परियोजना ताप्लेजंग-इलम पॉड-वे परियोजना है, जिसकी लागत 25 अरब रुपये है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए 14 परियोजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी, जिनकी अनुमानित लागत 31.1 अरब रुपये होगी। कृषि क्षेत्र में 3.8 बिलियन की 9 परियोजनाएं तथा ऊर्जा क्षेत्र में 2.77 बिलियन की 2 परियोजनाएं हैं।
मुख्यमंत्री हिक्मत कुमार कार्की ने कहा कि सम्मेलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि संभावना है कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक सरकारी सम्मेलन नहीं है, बल्कि पूरे कोशी प्रदेश का साझा अभियान है।” “यह सम्मेलन प्रदेश के दीर्घकालिक पूंजी विकास के लिए आयोजित किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री कार्की ने कहा कि सम्मेलन में प्रस्तुत की जाने वाली अधिकांश परियोजनाएं औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र की हैं।


