आतंकी हमला में मारे गए लोगों को सरोकार मंच द्वारा दी गई श्रद्धांजलि
रक्सौल। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमला में मारे गए भारत नेपाल के लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करने हेतु सरोकार मंच द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।कैंडल जलाकर बैनर के साथ जीआरपी थाना से कैंडल मार्च स्टेशन रोड होते हुए स्टेशन परिसर स्थित मंदिर के पास पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में परिणत हो गया। वहां दो मिनट का मौन धारण कर मंच के सभी सदस्यों ने अश्रुपूरित नेत्रों से श्रद्धांजलि दिया। श्रद्धांजलि सभा मंच के अध्यक्ष सेवक सौरभनाथ के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। श्रद्धांजलि सभा में आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ आक्रोश के साथ विरोध प्रकट किया गया।श्रद्धांजलि के बाद संस्था के अध्यक्ष सेवक सौरभनाथ ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए खतरा है। इस पर अविलंब रोक लगना चाहिए और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जहां पर यह घटना हुई है वो स्थल सबसे पवित्र धार्मिक और पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।जहां न केवल भारत नेपाल बल्कि अन्य देश के भी नागरिक दर्शन करने जाते है।उन जैसे निहत्थे पर्यटकों पर हमला करना कायरता है। यह केवल आतंकवादी हमला नहीं बल्कि इस्लामिक कट्टरपंथियों का हमला है।जो धर्म पूछकर और कपड़ा उतरवाकर हत्या किया।इससे स्पष्ट है कि ही हिंदुओं को टारगेट किया गया।
अब समय आ गया है कि भारत सरकार उन आतंकवादियों को सख्त सजा दे तथा पाकिस्तान अधिकृत पी ओके भी वापस ले ले।हालांकि पाकिस्तान के साथ सिंधु समझौता समाप्त कर सरकार ने इस घटना के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।जो काफी सराहनीय कदम है लेकिन केवल कागज पर समझौता समाप्त करने से सिंधु नदी के जल को रोका नहीं जा सकता है।उसके लिए नदी में डैम बनाकर पानी रोकना होगा।तब पाकिस्तान को समझ में आएगा। अधिवक्ता राजी श्रीवास्तव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निहत्थे लोगों पर गोली चलाना कायरता की पहचान है।इस घटना से लोगों में दहशत व्याप्त है।कश्मीर जाने से लोग डर रहे है।सरकार को उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
इस अवसर पर संस्था के सदस्य अधिवक्ता राजी श्रीवास्तव,पिंकी कुमारी,आरएसएस कार्यकर्ता सुबोध कुमार, गुड्डू कुमार भाजपा के कार्यकर्ता सह नगर पार्षद प्रतिनिधि कमलेश कुमार,योगेश्वर साह सावन कुमार कृष कुमार सुजीत कुमार यादव विवेक कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित थे।


