Mon. Jul 20th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

“सत्ता गठबंधन में स्थिरता कायम: ओली और देउवा के बीच भरोसे की पुष्टि”

 

वैशाख १४, २०८२ । प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सत्ता समीकरण में संभावित बदलाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा से बातचीत के बाद पूरी तरह आश्वस्त हुए हैं।

मुख्य बिंदु:

  • बैंकॉक से लौटने के बाद देउवा ने हवाई अड्डे पर गठबंधन में कोई उतार-चढ़ाव न आने की घोषणा की, जिससे ओली को राहत मिली।
  • शुक्रवार और शनिवार को देउवा के साथ हुई वार्ताओं के बाद ओली सरकार में बदलाव न होने को लेकर निश्चिंत हुए।
  • ओली ने कहा, “देउवा जी के एयरपोर्ट से उतरते ही सरकार गिरने की अफवाह फैलाई गई थी। पर क्या कुछ हुआ?”

समाचार विवरण:

प्रधानमंत्री ओली सत्ता परिवर्तन की चर्चा के कारण असमंजस में थे। देउवा के बैंकॉक से लौटने के तुरंत बाद ओली ने उनसे फोन पर बात की। देउवा ने फोन पर भी गठबंधन बरकरार रहने का आश्वासन दिया।

यह भी पढें   नेपाल दशनामी समाज बाँके जिला की सम्पर्क कार्यालय का उद्घाटन

देउवा ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि सत्ता गठबंधन में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री ओली ने एमाले संसदीय दल की बैठक में विश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस-एमाले गठबंधन किसी भी हालत में नहीं टूटेगा।

इधर, माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ने दावा किया था कि देउवा से फोन पर “लौटने के बाद मुलाकात होगी” कहा गया था और समीकरण बदलने की संभावना जताई थी। इससे एमाले और स्वयं ओली के मन में भी संदेह पैदा हो गया था।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 19 जुलाई 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

बैठक में ओली ने कहा कि सरकार गिराने की अफवाहें बेबुनियाद हैं और गठबंधन मजबूत है। ओली ने तंज कसते हुए कहा, “कल तक आग लगाने की कोशिश हो रही थी, लेकिन देउवा जी के लौटते ही सारी अफवाहें शांत हो गईं।”

शनिवार शाम ओली और देउवा के बीच फिर से अकेले और सहयोगियों के बीच भी बातचीत हुई। इस बातचीत में शिक्षक आंदोलन और राजधानी में चल रहे अन्य मुद्दों के समाधान पर चर्चा हुई।

बैठक में गृहमंत्री रमेश लेखक और शिक्षामंत्री रघुजी पन्त भी उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, बातचीत में राजनीतिक मुद्दों से अधिक शिक्षक आंदोलन के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 18 जुलाई 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेता आवासीय चिकित्सकों के आंदोलन, गवर्नर नियुक्ति में देरी और ऊर्जा राज्यमन्त्री पूर्णबहादुर तामांग को बर्खास्त किए जाने से असंतुष्ट हैं। कांग्रेस केंद्रीय सदस्य एनपी सावद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन बनाए न रख पाने के कारण प्रधानमंत्री ओली दबाव में हैं।

वहीं एमाले नेता पदम गिरी ने कहा कि गठबंधन में किसी भी तरह के बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री ओली ने स्वयं कहा है कि १५ महीनों बाद वे अपनी इच्छा से देउवा को प्रधानमंत्री का पद सौंपे

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *