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रेशम चौधरी की गिरफ्तारी : थारू–मधेशी एकता को तोड़ने की साजिश ? 

 

काठमांडू । जनमत पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के बीच संभावित एकता से ठीक पहले नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के संरक्षक रेशम चौधरी की गिरफ्तारी हुई। जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत ने पहले ही सोशल मीडिया पर आशंका जताई थी कि उन्हें और चौधरी को बदनाम और धमकियों के जरिये पार्टी एकता से रोकने की साजिश हो रही है।

जनमत पार्टी के नेताओं का दावा है कि चौधरी की गिरफ्तारी कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक गहरी राजनीतिक साजिश है। उनका कहना है कि इस कदम से थारू और मधेशी समुदायों की एकता को तोड़ने की कोशिश की गई है।

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चौधरी की गिरफ्तारी के बाद दोनों पार्टियों ने इसे गंभीरता से लिया है और जांच की मांग की है। दोनों नेताओं (राउत और चौधरी) की पार्टी एकता की कोशिशों को पहले भी अड़चनें मिली थीं, लेकिन वे इसे पार कर एकता के नजदीक पहुँचे थे।

अगर एकता होती, तो यह गठजोड़ सबसे बड़ा मधेशवादी दल बन सकता था, जिसमें राउत पूर्वी क्षेत्र और चौधरी पश्चिमी क्षेत्र का नेतृत्व करते। जानकारों का मानना है कि जैसे पहले टीकापुर घटना से थारू–मधेशी एकता को तोड़ा गया था, वैसे ही यह हालिया गिरफ्तारी भी उसी दिशा की साजिश हो सकती है।

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