भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर सैनिकों से किया संवाद, कहा – ऑपरेशन सिंदूर बना भारत की नई सैन्य नीति का प्रतीक
आदमपुर (13 मई, 2025): प्रधानमंत्री ने आज आदमपुर एयरबेस पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भाग लेने वाले वायुसेना, थलसेना, नौसेना और BSF के जवानों से संवाद करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता का प्रतीक बन गया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई असाधारण थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए और 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया गया।
प्रधानमंत्री ने सैनिकों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि अब भारत की “लक्ष्मण रेखा” स्पष्ट है—आतंकी हमले का जवाब भारत अपनी शर्तों पर देगा, परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा, और आतंक के सरपरस्तों को अलग नहीं मानेगा।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश का आत्मविश्वास बढ़ाया है और यह भारत की नई सैन्य नीति का “न्यू नॉर्मल” है।
समापन में उन्होंने कहा – “भारत शांति चाहता है, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो दुश्मन का विनाश करना भी जानता है।”
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प्रसारण तिथि: 13 मई 2025, अपराह्न 5:38 बजे | स्रोत: PIB
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
दुनिया ने अभी-अभी इस उद्घोष की शक्ति देखी है। “भारत माता की जय” केवल एक नारा नहीं है, यह उस हर सैनिक की शपथ है जो मां भारती की प्रतिष्ठा और सम्मान के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगाता है। यह हर नागरिक की आवाज़ है, जो देश के लिए जीना चाहता है, कुछ करना चाहता है। “भारत माता की जय” मैदान में भी गूंजता है और मिशन में भी। जब भारत के सैनिक “मां भारती की जय” बोलते हैं, तो दुश्मनों का कलेजा कांपता है। जब हमारे ड्रोन दुश्मन के किलों की दीवारों को ढहाते हैं, जब हमारी मिसाइलें लक्ष्य को भेदती हैं, तो दुश्मन सुनता है – “भारत माता की जय!” जब हम अंधकार में भी सूरज उगा देते हैं, तो दुश्मन देखता है – “भारत माता की जय!” जब हमारी सेनाएं परमाणु ब्लैकमेल की धमकी को नाकाम करती हैं, तो आकाश से पाताल तक सिर्फ एक ही आवाज़ गूंजती है – भारत माता की जय!
मित्रों,
आप सभी ने करोड़ों भारतीयों को गौरवान्वित किया है। आपने इतिहास रचा है। और मैं आपसे मिलने सुबह-सुबह यहां आया हूं। जब वीरों के चरण धरती पर पड़ते हैं तो वह भूमि पावन हो जाती है, जब वीरों के दर्शन होते हैं तो जीवन पावन हो जाता है। इसीलिए मैं आज आपसे मिलने आया हूं।
आज से कई दशक बाद जब भारत के शौर्य का उल्लेख होगा, तब उसका सबसे गौरवपूर्ण अध्याय आप और आपके साथी होंगे। आपने देश की वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए नई प्रेरणा दी है। इस वीर भूमि से मैं आज वायुसेना, नौसेना, थलसेना और बीएसएफ के सभी बहादुर जवानों को नमन करता हूं। आपकी बहादुरी के कारण ही आज हर कोने में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज सुनाई दे रही है।
मित्रों,
ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं है। यह भारत की नीति, नीयत और निर्णयशीलता का संगम है। भारत बुद्ध की भूमि है तो गुरु गोविंद सिंह जी की भी। गुरु जी ने कहा था –
“सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तड़ाऊं, तबै गोबिंद सिंह नाम कहाऊं।”
यह हमारी परंपरा है – अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए शस्त्र उठाना। जब हमारी बहनों-बेटियों का सिंदूर छीना गया, हमने आतंकवादियों के घर में घुसकर उनका संहार किया। वे छिपकर आए थे, लेकिन भूल गए कि उन्होंने भारत की सेना को चुनौती दी है। आपने उन्हें सामने से मार गिराया, उनके 9 बड़े अड्डों को तबाह किया, 100 से अधिक आतंकवादियों का अंत किया।
पाकिस्तानी सेना, जिस पर ये आतंकवादी भरोसा करते थे, उसे आपने साफ संदेश दिया – पाकिस्तान में अब कोई ऐसी जगह नहीं बची, जहां आतंकवादी चैन से सांस ले सकें। हमारे ड्रोन और मिसाइलों की आवाजें अब पाकिस्तान को कई दिनों तक सोने नहीं देंगी।
वीर साथियों,
ऑपरेशन सिंदूर ने देश का आत्मविश्वास बढ़ाया है, एकता को मजबूती दी है और भारत की गरिमा को नई ऊंचाई दी है।
आपने जो किया वह अद्वितीय है, अद्भुत है। हमारी वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर गहराई तक जाकर आतंक के अड्डों पर प्रहार किया। 20–25 मिनट में सटीक निशाने पर वार – ऐसी गति और सटीकता सिर्फ अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित पेशेवर बल ही कर सकता है।
मित्रों,
हमारा लक्ष्य पाकिस्तान के भीतर आतंक के मुख्यालयों को खत्म करना था। लेकिन पाकिस्तान ने नागरिक विमानों का इस्तेमाल करके कायरता की साजिश की। ऐसे समय में आपने बहुत सूझबूझ से लक्ष्य को भेदा और एक भी नागरिक विमान को नुकसान नहीं पहुंचाया। इस कार्य के लिए आप सभी गर्व के पात्र हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया दुश्मन बार-बार हमारे एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हर बार उसकी मंशा नाकाम रही। हमारी वायुसेना की एयर डिफेंस प्रणाली ने पाकिस्तान के ड्रोन, यूएवी, विमानों और मिसाइलों को नष्ट कर दिया।
मित्रों,
अब भारत की आतंकवाद के खिलाफ लक्ष्मण रेखा स्पष्ट हो गई है। अब अगर भारत पर आतंकी हमला होगा, तो जवाब भी मिलेगा – अपने तरीके से, अपने समय पर, अपनी शर्तों पर। हमने यह सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर में दिखा दिया है।
हमने तीन सिद्धांत तय किए हैं:
- आतंकी हमले का जवाब भारत अपने तरीके से देगा।
- भारत किसी प्रकार की परमाणु ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा।
- आतंक के संरक्षकों और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखा जाएगा।
मित्रों,
ऑपरेशन सिंदूर के हर क्षण में भारतीय सेनाओं की ताकत की झलक दिखती है। थलसेना ने सीमाओं को मजबूत किया, नौसेना ने समुद्र पर प्रभुत्व स्थापित किया और वायुसेना ने आक्रमण और सुरक्षा – दोनों निभाया। बीएसएफ और अन्य बलों ने भी अद्भुत कौशल दिखाया।
हमारे रक्षा तंत्र ने अद्वितीय समन्वय और तकनीक के साथ दुश्मन को करारा जवाब दिया। चाहे पुराने वायु सुरक्षा सिस्टम हों या ‘आकाश’ जैसे मेड इन इंडिया प्लेटफॉर्म, या S-400 जैसी आधुनिक प्रणालियां – सबने मिलकर सुरक्षा कवच को अडिग रखा।
मित्रों,
अब भारत के पास ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है, जिसका मुकाबला पाकिस्तान नहीं कर सकता। नई तकनीक के साथ नई चुनौतियां भी आती हैं – इनका कुशल संचालन आपने करके दिखाया है। आपने दिखाया है कि भारतीय वायुसेना अब न केवल हथियारों से, बल्कि डेटा और ड्रोन से भी दुश्मन को मात देने में निपुण है।
मित्रों,
भारत ने पाकिस्तान के अनुरोध पर सैन्य कार्रवाई को स्थगित किया है। लेकिन अगर फिर आतंकवाद या सैन्य दुस्साहस होता है, तो भारत अपने तरीके से जवाब देगा। इस फैसले के पीछे आपकी सहनशीलता, वीरता, साहस, और सतर्कता का विश्वास है। इसे बनाए रखना है, सतत सतर्क रहना है। हमें दुश्मन को याद दिलाना है –
यह नया भारत है।
यह भारत शांति चाहता है, लेकिन मानवता पर हमला हुआ, तो यह भारत युद्ध के मैदान में दुश्मन को मिटाना भी जानता है।
इस संकल्प के साथ, एक बार फिर बोलिए –
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्!
वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्!
वंदे मातरम्!
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।


