हिमालय को बचाना पृथ्वी, महासागर और स्वयं मानवता को बचाना है – प्रधानमंत्री ओली
काठमांडू, जेठ २ – प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि हिमालय को बचाने का मतलब है पृथ्वी, महासागर और स्वयं मानवता को बचाना है । उन्होंने कहा कि इस यथार्थ को आत्मसात कर विश्वव्यापी संवाद के रूप में सगरमाथा संवाद आयोजित की गई थी ।
नेपाल सरकार द्वारा पहली बार आयोजित सगरमाथा संवाद के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ओली ने यह बात कही । साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गहरे अन्तर निर्भर यथार्थ के भीतर —ईमानदार संवाद और आपसी ज्ञान को आदान प्रदान किया जा सके । उन्होंने बताया कि इस वार्ता का जन्म सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के नाम पर हुआ है ।
“हमें उम्मीद है कि यह वार्ता भी उतनी ही उच्च स्तरीय होगी ।” प्रधानमंत्री ओली ने कहा, “हम उच्च नैतिक स्पष्टता, मजबूत बौद्धिक साहस और सुंदर भविष्य के निर्माण के लिए एक अटूट साझा दृष्टिकोण के साथ शीर्ष पर पहुंचें। “हमारे घर भूस्खलन से बह रहे हैं ।” बाढ़ और सूखा अचानक आते हैं, लेकिन फिर भी हम डटे रहते हैं । हमारा उत्सर्जन कम है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण में हमारा योगदान महत्वपूर्ण है।

