पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट को बढ़ाने का फैसला किया
पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट को 18% बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये करने का फैसला किया है. पाकिस्तान ऐसे समय में अपना रक्षा बजट बढ़ा रहा है, जब उस पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है.
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है. 38% से ज्यादा महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 3 अरब डॉलर और कर्ज-जीडीपी अनुपात 70% के करीब होने के बावजूद, पाकिस्तान रक्षा और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर खर्च बढ़ा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सामाजिक खर्चों और आर्थिक सुधारों को नुकसान पहुंचा सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अर्थशास्त्री कैसर बंगाली ने कहा, ‘रक्षा और दियामर-भाषा जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स में पैसा डालना जोखिम भरा है. इससे आम पाकिस्तानी को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.’
भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पानी भी बंद किया है, जिससे परेशान होकर पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने भारत पर ‘जल आक्रामकता’ का आरोप लगाते हुए 14 अरब डॉलर के दियामर-भाषा बांध प्रोजेक्ट को तेज करने का ऐलान किया. यह बांध 4,500 मेगावाट बिजली पैदा करेगा और 8.1 मिलियन एकड़ फीट पानी स्टोर करेगा, लेकिन फंडिंग और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण यह अभी भी अधूरा है.ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को IMF से मदद मिली थी. भारत ने IMF से पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद पर सवाल उठाए हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 मई को चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान इन फंड्स का दुरुपयोग सीमा पार आतंकवाद के लिए कर सकता है. फिर भी, IMF ने पाकिस्तान को वित्तीय सहायता जारी रखी है ।

