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आज ही दिन में दो प्रदर्शन: सुबह UML का, दोपहर बाद राजावादी समूह का प्रदर्शन

 

काठमांडू, 29 मई 2025 — काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने गुरुवार को होने वाले प्रदर्शन के लिए सत्तारूढ़ नेकपा एमाले (UML) और राजावादी समूह को अलग-अलग समय निर्धारित कर दिया है। प्रशासन ने UML को भृकुटीमंडप क्षेत्र में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी है, जबकि इसके बाद शांति वाटिका क्षेत्र में राजावादी प्रदर्शन करेंगे।

एमाले इस दिन गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम कर रही है। दूसरी ओर, राप्रपा समेत राजावादी दलों ने राजतंत्र की बहाली और नेपाल को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग के साथ अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की घोषणा की है।

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प्रधानमंत्री तथा UML अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने कुछ दिन पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को काठमांडू को कुछ घंटों के लिए ‘नियंत्रण’ में रखने का निर्देश दिया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।

काठमांडू के एसएसपी विश्व अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा को कड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत गतिविधियों को समर्थन मिलेगा, लेकिन उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।

हालांकि, राप्रपा के प्रवक्ता सगुन सुन्दर लावती ने प्रशासन से कोई अनुमति न लेने की बात कही और समर्थकों से दोपहर 12 बजे शांति वाटिका में एकत्र होने का आग्रह किया। उनका कहना था, “आन्दोलन के लिए किसी से समय लेने की आवश्यकता नहीं है।”

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राजावादी समूह ने देशभर में स्वतःस्फूर्त प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश की आशंका को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को छाता और पानी की बोतल लाने को कहा गया है।

पिछली बार, 15 चैत को राप्रपा का प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें दो लोगों की मृत्यु और बीस घायल हुए थे। इस सिलसिले में वरिष्ठ नेता रविन्द्र मिश्र और सांसद धवलशमशेर जबरा समेत 50 लोगों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया गया है।

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राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग ने प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए सभी पक्षों से उत्तेजक भाषा का प्रयोग न करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

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