उधर सड़क, इधर सदमा :विनय दीक्षित
कारण बाढ़ की समस्या से आजिज हो चुके बाँके जिला के लोग सड़क निर्माण की रफ्तार को देखकर और भी चिन्तित हैं । जिला सीमा क्षेत्र में हो रहे विकास निर्माण का नेपाली पक्ष से विरोध होना जायज भी है, क्योंकि पिछले दिनों बाढ़ की समस्या से दुसवारी झेल चुके लोग फिर से नई समस्या का आंकलन करने लगे हैं । खास कर बाँके जिला से भारतीय क्षेत्र में जुड़ने वाले प्राकृतिक नाला के बहाव को प्रभावित करने पर सड़क को लेकर चिन्ता जताई जा रही है । होलिया निवासी प्रहलाद केवट ने बताया कि सन २००२ में निर्माण हुए भारतीय तटबन्ध के कारण जिले के करीब एक दर्जन गाबिस हरेक वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं । सड़क के कारण जल भराव की आशंका और भी बढ़ी है केवट ने कहा अब बाढ़ की सम्भावना और भी तीब्र रूप से बढ़ेगी ।
भारतीय सड़क को लेकर नेपाल में केन्द्रस्तरीय बैठक भी हुई, लेकिन कूटनीतिक पहल शुन्य पाया गया । बैठक में सहभागी बाँके के जिला अधिकारी वेद प्रकाश लेखक ने हिमालिनी को बताया कि बैठक में कूटनीतिक पहल के लिए निर्णय हआ है । बैठक के बाद जनता ने कारवाही की प्रतीक्षा की लेकिन प्रकार का पहल न देख जनता ने अपने हिसाब से ब्यवस्थापन को आगे बढ़ाया । कुछ ने गाँव की जमीन बेच दी तो कुछ अलग विस्थापित हो गए । मटेहिया २ निवासी श्यामानन्द तिवारी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र को छोड़कर अलग घर बनाना शुरु कर दिया है । डुबान क्षेत्र में रहने वाले अधिकाँश लोग उँचे स्थान पर या जंगलो में अपना ठिकाना बना लिया है । लक्ष्मणपुर बाँध भत्काउ संघर्ष समिति के सचिव रिजवान डफाली ने कहा सड़क के कारण समस्या अब और भी गम्भीर होगी ।
डफाली ने बताया कि हरेक वर्ष जिस लेबल पर बाढ़ आती थी उस हिसाब से आनेवाले बरसात में बाढ़ का अनुपात बढ़ेगा । समस्या सिर्फ बाढ़ लगने का ही नहीं कृषि भूमि में भी समस्या उत्पन्न हो रहा है, गंगापुर निवासी गिरवर यादव ने कहा हरेक वर्ष कुछ न कुछ भूमि बालु से ढक जाती है ।
समस्या रोकने के विषय पर किसी प्रकार का पहल नहीं हुआ रेडक्रस गंगापुर के प्रतिनिधि विक्रम वर्मा ने कहा सरकार सिर्फ राहत वितरण पर ध्यान दे रही है । राहत भी जरुरी है लेकिन ठोस निकास होना चाहिए जो नहीं हुआ, वर्मा ने कहा जनता अपने हिसाब से समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है ।
लक्ष्मणपुर बाँध को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय पक्ष ने सड़क को बाँध में ही समाहित कर दिया है । जिस कारण बाँध की उँचाई करीब १.५ मीटर और भी ऊँचा हो गया है । इससे पहले ५.५ मीटर का बाँध अब ७ मीटर का हो गया है ।
इतने लोग होंगे बाढ़ से प्रभावित
भारतीय क्षेत्र में निर्माण हो रहे सड़क के कारण जिले के विभिन्न गाबिस में हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका है । सम्बन्धित गाबिस सचिव ने एक विवरण उपलब्ध कराया और यह मामला सामने आया ।
सड़क के कारण अगामी बरसात में होलिया के ८ हजार, बेतहनी के ८ हजार, बनकट्टी के ७ हजार, गंगापुर के ६ हजार १ सौ ५७, मटेहिया के ७ हजार, नरैनापुर के ६ हजार और फत्तेपुर के २० हजार लो प्रभावित होंगे । गाबिस के द्वारा तैयार किए गए विवरण में प्राविधिक राय और सुझाव को भी ध्यान में रखा गया है, जिससे नेपालगन्ज नगर भी बाढ़ के मुख्य निशाने पर है । पिछले श्रावण २९ गते जिले में हुए बाढ़ की कहर के कारण अभी भी बहुत परिवार पूर्ण रूप से सम्भल नहीं पाए हैं, सरकारी तौर से अभी भी राहत वितरण का काम आंशिक रूप से जारी है । जिले की कुल ५.५ लाख जनसंख्या में करीब १ तिहाई जनसंख्या प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है । भारतीय सड़क के कारण नेपाली भूभाग में तीव्र जलभराव के संकट से निपटने के लिए किसी प्रकार की तैयारी की खबर नहीं है ।

