नेपालगञ्ज में ‘डिजिटल नवप्रवर्तन रूपान्तरण 2025’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न
नेपालगञ्ज (बाँके), पवन जायसवाल । लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय के आयोजन में नेपालगञ्ज में ‘डिजिटल नवप्रवर्तन रूपान्तरण 2025’ विषयक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में नेपाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के उपकुलपति, डीन, प्राध्यापक, विषय विशेषज्ञ, प्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष, प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य तथा विभिन्न प्राविधिक विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।
सम्मेलन का उद्घाटन लुम्बिनी प्रदेश सरकार के सामाजिक विकास मंत्री जन्मजय तिमिल्सिना ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन डॉ. निरज केसी ने बताया कि लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में नया संस्थान है, इसलिए विद्यार्थियों को डिजिटल नवप्रवर्तन रूपान्तरण के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया गया।
डॉ. केसी ने कहा कि नेपाल के अन्य विश्वविद्यालयों, निजी प्रविधि उद्योगों तथा सरकारी निकायों में इस क्षेत्र में कैसे कार्य हो रहा है, उसे विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप में समझाने और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी देने के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया, जिससे विद्यार्थियों को इस क्षेत्र के अवसर, चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाओं को बेहतर रूप में समझने में मदद मिले।
सम्मेलन में विषयगत उद्योगों से समझौता (MoU) कर विद्यार्थियों को तकनीकी सहायता, समस्या समाधान और नवीनतम प्रविधियों से जुड़ने के अवसर प्रदान करने की पहल की गई।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव रेगबहादुर भण्डारी ने बताया कि यह सम्मेलन विद्यार्थी, विद्वान, नवप्रवर्तनकर्ता, नीति निर्माता और उद्योग प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाकर डिजिटल युग में समावेशी और नवीन भविष्य निर्माण के लिए सामूहिक संवाद का अवसर बना। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन को ज्ञान निर्माण और हस्तान्तरण के प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।
भण्डारी ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय ने इससे पहले 2023 और 2024 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की थीं। इस बार की विषयवस्तु ‘डिजिटल नवप्रवर्तन रूपान्तरण’ अत्याधुनिक अनुसन्धान को आगे बढ़ाने और विश्वव्यापी सहकार्य को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लकचेन और डिजिटल इकोसिस्टम जैसी तेजी से विकसित हो रही प्रविधियों के साथ यह सम्मेलन विचार विमर्श, शोध साझेदारी और डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।”
उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य तथा वरिष्ठ साहित्यकार प्रा.डा. कृष्ण प्रसाद घिमिरे ने विषयानुकूल कविता वाचन किया।
सम्मेलन में काठमाण्डौं विश्वविद्यालय, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, पोखरा विश्वविद्यालय, मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय और सुदूरपश्चिम विश्वविद्यालय के उच्च पदस्थ पदाधिकारी, डीन और प्राध्यापक सहित प्रदेश योजना आयोग और लोक सेवा आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी सहभागी रहे।
सम्मेलन की अध्यक्षता लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रा.डा. विनोद प्रसाद ढकाल ने की। कार्यक्रम में विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों ने विभिन्न विषयों पर कार्यपत्र प्रस्तुत किए, जिन पर विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।
प्रा.डा. कृष्ण प्रसाद घिमिरे के अनुसार सम्मेलन में काठमाण्डौं विश्वविद्यालय के डीन प्रा.डा. मनीष पोखरेल, पोखरा विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रा.डा. बेदराज केसी, त्रिभुवन विश्वविद्यालय के निर्देशक प्रा.डा. सुवर्ण शाक्य और डा. प्रकाशदत्त भट्ट, असिस्टेन्ट प्रोफेसर केशव पौडेल, काठमाण्डौं विश्वविद्यालय से प्रा.डा. सुदन झा, सिडनी विश्वविद्यालय (अष्ट्रेलिया) से डा. आभास जोशी, नेदरलैण्ड आईटीसी से अशोक दाहाल, रानका अध्यक्ष विकास गुरुङ, क्यान महासंघ के पूर्व उपाध्यक्ष सञ्जय थापा आदि ने प्रत्यक्ष या ऑनलाइन माध्यम से अपने कार्यपत्र प्रस्तुत किए।
विश्वविद्यालय की प्रगति
लुम्बिनी प्रदेश सरकार की गौरवपूर्ण योजना के अंतर्गत २०७९ असोज १८ गते नेपालगञ्ज में स्थापित लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय ने २०८० मंसिर १३ गते से स्नातक तह की पढ़ाई प्रारंभ की थी। वर्तमान में यह विश्वविद्यालय बी.टेक इन आईटी, कम्प्युटर साइंस एण्ड एआई, आईटी इन्जिनियरिङ, तथा सिभिल इन्जिनियरिङ विषयों में चार कार्यक्रम चला रही है।
आगामी असार महीने से स्नातकोत्तर तह में एम.टेक इन आईटी कार्यक्रम भी प्रारम्भ किया जाएगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण, उपलब्धिमूलक, तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान कर समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना है।
विश्वविद्यालय की भौतिक स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए प्रा.डा. घिमिरे ने बताया कि प्रारम्भिक चरण में करीब डेढ़ वर्ष तक विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में ही पठन-पाठन कार्य चला रहा था। लेकिन गत पुस महीने से कृषि विकास बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय, धम्बोझी, नेपालगञ्ज स्थित तीन भवनों को पाँच वर्ष के लिए भाडामा लेकर वहाँ से पढ़ाई और प्रशासनिक काम संचालन किया जा रहा है।



