नेपाल का स्वयं इस्तीफा नहीं देना ही नैतिक चूक है – सांसद सूर्य थापा
काठमांडू, असार १७ – नेकपा (एमाले)के सांसद सूर्य थापा ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेकपा (एकीकृत समाजवादी)के अध्यक्ष माधवकुमार नेपाल की कड़ी आलोचना की है । सामाजिक संजाल में थापा ने कहा कि नेपाल का स्वयं इस्तीफा नहीं देना ही नैतिक चूक है ।
थापा के अनुसार २०६४ साल में हुए निर्वाचन में दो स्थानों से पराजित होने के बाद नेपाल ने तत्कालीन नेकपा (एमाले)के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था । लेकिन अभी भ्रष्टाचार के मुद्दें को लेकर लंबित रहने के बाद भी वें पद से चिपके हुए हैं । ये तो बहुत शर्म की बात है ।
उन्होंने लिखा है कि – एक लालची व्यक्ति का पार्टी को विभाजित करके और नैतिकता के सम्मान को खत्म करके गठित एक छोटे से गुट का नेतृत्व करना हास्यास्पद और अशोभनीय हो गया है ।
थापा ने कहा कि वो नेपाल प्रति व्यक्तिगत सम्मान रखते हैं लेकिन उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लगाकर एक पार्टी को बनाया और फिर उसे तोड़ने का अपराध किया । इसकी तो मैंने कल्पना भी नहीं की थी । थापा ने नेपाल से जुड़े ललिता निवास, धोबीखोला, इटहरी, विराटनगर और काभ्रे (पतंजलि) के भूमि मामलों के धीरे–धीरे सार्वजनिक होने पर सवाल उठाया है । उन्होंने आरोप पत्र के आधार पर विशेष अदालत में दायर लंबित मामले का हवाला देते हुए कहा –पार्टी और उसके नेतृत्व को नहीं छोड़ना एक भयानक चूक है ।


