सवैधानिक नियुक्तियों के खिलाफ दायर रिटों पर आज आएगा फैसला
काठमांडू । संवैधानिक पदों पर की गई नियुक्तियों के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं पर अब एकमुश्त फैसला आने वाला है। सर्वोच्च अदालत द्वारा इन रिटों को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर अंतिम निर्णय की तैयारी की जा रही है।
इन नियुक्तियों की सिफारिश तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, राष्ट्रिय सभा अध्यक्ष गणेशप्रसाद तिमिल्सिना और तत्कालीन प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्रशमशेर जबरा की उपस्थिति में हुई थी। यह बैठक संवैधानिक परिषद् की थी, लेकिन उसमें प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के नेता शेरबहादुर देउवा तथा प्रतिनिधिसभा अध्यक्ष अग्निप्रसाद सापकोटा उपस्थित नहीं थे। साथ ही, उस समय उपसभामुख का पद रिक्त था।
इन नियुक्तियों को लेकर व्यापक विवाद हुआ था, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि संवैधानिक परिषद् अधिनियम में संशोधन कर परिषद् को अल्पसंख्यक में भी निर्णय लेने योग्य बनाकर नियुक्तियाँ की गईं। इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए विभिन्न रिट याचिकाएँ दायर की गई थीं।
अब सर्वोच्च अदालत द्वारा एकसाथ इन सभी रिटों पर सुनवाई कर फैसला सुनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि तत्कालीन नियुक्तियाँ संवैधानिक थीं या नहीं।


