जन बहुदलीय लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक सिद्धांत नहीं : विद्या देवी भंडारी
पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने कहा है कि जन बहुदलीय लोकतंत्र (जबज) केवल एक राजनीतिक सिद्धांत नहीं है।
मदन भंडारी फाउंडेशन द्वारा शनिवार को आयोजित एक पत्रिका विमोचन एवं चर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
एमाले की सक्रिय राजनीति में प्रवेश और अपनी पार्टी की सदस्यता के नवीनीकरण की घोषणा करते हुए, भंडारी ने कहा कि एमाले एक समृद्ध नेपाल और खुशहाल नेपालियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भी काम कर रही है।
भंडारी ने कहा, “जबज केवल एक राजनीतिक सिद्धांत नहीं है। यह एक दार्शनिक विचार भी है जो जनहित, मानव कल्याण और सामाजिक न्याय का मार्गदर्शन करता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम जानते हैं कि हमारी संस्कृति के वैदिक मंत्र, सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया: ने इस सच्ची भावना को व्यक्त किया है कि सभी लोग सुखी और स्वस्थ रहें, सभी अच्छा देखें और किसी को कोई कष्ट न हो। यही जबज की मूल भावना भी है।”
उन्होंने कहा कि वर्ग शोषण का अंत और सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार सुनिश्चित करना आज की ज़रूरत है।
भंडारी ने कहा, “जबज ने हमारे राष्ट्र को समृद्ध और उसके नागरिकों को खुशहाल बनाने के महान लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। एमाले भी समृद्ध नेपाल और खुशहाल नेपालियों की साझा राष्ट्रीय आकांक्षा को पूरा करने के लिए इसी सिद्धांत पर अडिग होकर काम कर रही है।”

