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पूर्वराष्ट्रपति का सक्रिय राजनीति में आना नैतिकता नहीं होगी – महेश बस्नेत

 

काठमांडू, सावन ३ – नेकपा एमाले के पोलिटब्युरो सदस्य एवं पूर्वमन्त्री महेश बस्नेत ने यह धारणा रखी है कि पूर्वराष्ट्रपति का सक्रिय राजनीति में आना नैतिकता नहीं होगी । शनिवार जारी पोलिटब्यूरो की बैठक में अपनी धारणा रखते हुए उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के साथ असंगत है ।
बस्नेत ने कहा कि ‘विद्या कमरेड राष्ट्रपति तक की गरिमामय पद की जिम्मेवारी ले चुकी हैं ।’ उन्हें पार्टी के सक्रिय पदों पर वापस लौटने और उस गरिमा को कम करने की नैतिक और प्रक्रियात्मक गलती नहीं करनी चाहिए ।’ जो लोकतंत्र और आंतरिक लोकतंत्र दोनों के साथ असंगत है । पार्टी का पद और जिम्मेदारियाँ  केवल इच्छा से नहीं, बल्कि एक वैध प्रक्रिया के माध्यम से होती है ।
उनका मानना है कि अगर भंडारी की सदस्यता का नवीनीकरण करना हो या नई सदस्यता लेनी हो तो भी निर्णय केंद्रीय कमिटी से होनी चाहिए, जल्दबाजी में नहीं । उन्होंने यह भी कहा कि विद्या भंडारी को वैकल्पिक नेता बनाने के नाम पर गुटबाजी नहीं की जानी चाहिए । बसनेत ने कहा, “विद्या भंडारी को वैकल्पिक नेता बनाने के नाम पर गुटबाजी करके पार्टी को कमजोर करने का खेल बंद करें ।”

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