मधेश में 342 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमणमुक्त घोषित
राष्ट्रीय समाचार समिति (रासस), जनकपुरधाम, 3 साउन:
मधेश प्रदेश के वन निर्देशनालय ने आर्थिक वर्ष 2081/82 में कुल 342 हेक्टेयर अतिक्रमण की गई वन भूमि को खाली कराने में सफलता प्राप्त की है। निर्देशनालय के अनुसार, धनुषा में 30 हेक्टेयर, सर्लाही में 175 हेक्टेयर, सप्तरी में 111 हेक्टेयर, बारा में 54 हेक्टेयर, पर्सा में 45 हेक्टेयर, रौतहट में 12 हेक्टेयर, सिरहा में 10 हेक्टेयर और महोत्तरी में 3 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त किया गया है।
वन निर्देशनालय के निदेशक जग्गनाथ प्रसाद जयसवाल के अनुसार, मधेश के आठों जिलों में अब भी 16,599 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण की चपेट में है।
रासस से बातचीत करते हुए मधेश प्रदेश के वन एवं वातावरण मंत्री संजय कुमार यादव ने कहा कि केवल प्रशासनिक स्तर से वन समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय जरूरी है।
मंत्रालय के सचिव उद्धवबहादुर घिमिरे ने जानकारी दी कि अतिक्रमण रोकने हेतु सभी मातहत कार्यालयों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यदि पर्याप्त जनशक्ति के साथ समन्वय और निगरानी की जाती है तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
वन निर्देशनालय के अनुसार, यद्यपि देश का 45% भूभाग वन से आच्छादित है, मधेश में यह अनुपात केवल 3.72% है। मधेश में कुल 202,202 हेक्टेयर वन क्षेत्र है, लेकिन प्रदेश के 136 स्थानीय तहों में से 89 में कोई भी वनक्षेत्र मौजूद नहीं है।
देशभर के कुल वन क्षेत्र में से 8 प्रतिशत अब भी अतिक्रमण के दायरे में है।

