भूमि विधेयक संविधान के खिलाफ, कोर्ट में चुनौती दी गई तो रद्द होगा : उपेन्द्र यादव

काठमांडू, 11 साउन 2082 (27 जुलाई 2025)
जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने संसद में विचाराधीन “भूमि सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन विधेयक” को संविधान विरोधी करार दिया है।
रविवार को प्रतिनिधिसभा की कृषि, सहकारी तथा प्राकृतिक स्रोत समिति की बैठक में बोलते हुए यादव ने कहा, “यह विधेयक असंवैधानिक, गैरकानूनी और देश तथा जनता के हित के विरुद्ध है।”
उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार जो विषय प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उनमें प्रदेश की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस विधेयक में ऐसा प्रावधान नहीं किया गया है।
यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विधेयक को ज्यों का त्यों पारित किया गया, तो उनकी पार्टी इसको लेकर अदालत जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि मामला कोर्ट में गया, तो यह विधेयक बदर (रद्द) होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुकुम्बासी (भूमिहीन) नागरिकों को जमीन देने के लिए पहले से ही प्रचलित कानून पर्याप्त है और नया कानून लाने की आवश्यकता नहीं है।
यादव ने आरोप लगाया कि यह विधेयक भूमि माफियाओं को लाभ पहुँचाने की मंशा से लाया गया है। उन्होंने भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरिबी निवारण मंत्री बलराम अधिकारी से सीधा सवाल किया, “आपने यह विधेयक किसके स्वार्थ के लिए लाया?”
इस मुद्दे ने संसद में राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है।

