Tue. Jun 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कक्षा १२ का नतीजे घोषित: ६१.१७% विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण, टॉपरों की संख्या में भी वृद्धि

 

काठमांडू, श्रावण १९, २०८२ — नेपाल के राष्ट्रिय परीक्षा बोर्ड ने सोमवार को कक्षा १२ का परीक्षाफल सार्वजनिक किया है। इस वर्ष नियमिततर्फ कुल ३ लाख ९६ हजार ३४७ विद्यार्थियों में से २ लाख ४२ हजार ४६५ विद्यार्थियों ने सभी विषयों में ग्रेड प्राप्त करते हुए परीक्षा उत्तीर्ण की है। इससे उत्तीर्ण प्रतिशत ६१.१७% पहुंच गया, जो गत वर्ष के ५२% की तुलना में लगभग ९ प्रतिशत ज्यादा है।

उत्तीर्ण प्रतिशत में उल्लेखनीय सुधार

परीक्षा में कुल ५ लाख ११ हजार विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे, जिसमें नियमित ३ लाख ९५ हजार तथा आंशिक १ लाख १५ हजार विद्यार्थी थे। आंशिकतर्फ से १ लाख १४ हजार ६४० में से ४१ हजार ८४० (३६.४९%) विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। हालांकि, १ लाख ५३ हजार ८८२ विद्यार्थी “ननग्रेड” यानी फेल घोषित किए गए हैं।

यह भी पढें   आईपीएल २०२६ : गुजरात टाइटंस को हराकर बेंगलुरु दूसरी बार विजेता बना

टॉप स्कोर करने वाले विद्यार्थियों की स्थिति

  • १३,५०२ विद्यार्थियों ने ३.६१ से ४.० जीपीए हासिल किया।
  • ५५,८९६ ने ३.२१ से ३.६० जीपीए पाया।
  • ६९,८१२ ने २.८१ से ३.२० और
  • ८,९६४ ने २.०१ से २.४० जीपीए प्राप्त किया।
  • केवल २३ विद्यार्थियों को १.६१ से २.०० के बीच जीपीए मिला।

विशेष तथ्य:

  • अंग्रेजी, लेखा, सामाजिक शिक्षा और नेपाली विषय में सर्वाधिक विद्यार्थी फेल हुए हैं।
  • परीक्षा ५,२०२ विद्यालयों के छात्रों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कुल १,५९१ परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे।
  • जापान स्थित एभरेस्ट स्कूल से भी ३८ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
  • मनाङ से केवल ४५ और काठमांडू से सर्वाधिक ६८ हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।
यह भी पढें   लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में : बशीर बद्र

परीक्षा में विलम्ब एवं अन्य व्यवस्था

शिक्षक संघ की हड़ताल के कारण यह परीक्षा १० दिन विलम्ब से आयोजित हुई थी। परीक्षा वैशाख ११ से होना था, जो जेठ २ गते सम्पन्न हुई। उत्तरपुस्तिकाओं की जाँच इसके तुरंत बाद शुरू हुई। ननग्रेड से बचने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम ३५% अंक आवश्यक हैं, जो लेटर ग्रेडिङ निर्देशिका २०७८ के अनुसार अनिवार्य किया गया है।

निष्कर्ष:
इस वर्ष कक्षा १२ का परिणाम अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। टॉपरों की संख्या में वृद्धि और उत्तीर्ण प्रतिशत में उल्लेखनीय सुधार ने शिक्षा प्रणाली की सकारात्मक दिशा को इंगित किया है। हालांकि, “ननग्रेड” विद्यार्थियों की बड़ी संख्या अब भी एक चुनौती बनी हुई है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *