मधेश प्रदेश में शिक्षा स्तर सुधार के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी : मुख्यमंत्री सतीशकुमार सिंह
जनकपुरधाम। मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीशकुमार सिंह ने कहा है कि गिरते शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और सभी सरोकारवालों का संयुक्त प्रयास आवश्यक है।
वे मंगलवार को जनकपुरधाम में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम मधेश प्रदेश सरकार के शिक्षा तथा संस्कृति मंत्रालय की पहल और भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर एस.ई.ई. परीक्षा–2081 में प्रदेश के विभिन्न स्थानीय तहों से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहनस्वरूप साइकिल प्रदान की गई।
धनुषा, महोत्तरी, सर्लाही, सिरहा और सप्तरी जिले की 88 नगरपालिकाओं से एक-एक छात्र और एक-एक छात्रा को सम्मानपूर्वक साइकिल दी गई।
मुख्यमंत्री सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “राष्ट्र को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भविष्य में आप सभी के कंधों पर आएगी। इसलिए देश की समृद्धि और विकास में योगदान देने की भूमिका निभानी होगी।”
उन्होंने याद दिलाया कि कभी मधेश प्रदेश की शिक्षा ने एक अलग पहचान बनाई थी और अब उस पहचान को फिर से कायम रखने के लिए प्रदेश सरकार योजनाबद्ध ढंग से काम कर रही है। उन्होंने सामुदायिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे शिक्षा पर ध्यान दें, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव हो।
कार्यक्रम में भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज के महावाणिज्यदूत देवी सहाय मीना ने कहा, “आज साइकिल प्राप्त करने वाले हमारे मेधावी छात्र-छात्राएं न केवल अपने परिवार की, बल्कि पूरे प्रदेश की शान हैं। ये साइकिलें केवल साधन नहीं हैं, बल्कि आपके उज्ज्वल भविष्य की ओर आसान यात्रा का माध्यम हैं।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारत सरकार शिक्षा सहित विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों में नेपाल सरकार और नेपाली जनता का सहयोग जारी रखेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मधेश प्रदेश की शिक्षा तथा संस्कृति मंत्री रानी शर्मा तिवारी ने की। नेपाल एसबीआई बैंक लिमिटेड के संस्थागत सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई साइकिलों से पाँच जिलों के 150 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नीति तथा योजना आयोग की सदस्य डॉ. शीला मिश्रा, धनुषा जिला समन्वय समिति के प्रमुख राजनंद मंडल, शिक्षा तथा संस्कृति मंत्रालय के निमित्त सचिव दिलीप ठाकुर समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


