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जलेश्वर में मधेशी और उत्पीड़ित समुदाय के अधिकारों के लिए रैली और अन्तरक्रिया सभा सम्पन्न

 

जलेश्वर (महोत्तरी)। संघीय गणतान्त्रिक गठबन्धन द्वारा आयोजित जनजागरण अभियान अन्तर्गत शनिवार को एक भव्य रैली एवं अन्तरक्रिया सभा का आयोजन किया गया। रैली समन्वय समिति के हल से शुरू होकर नगर परिक्रमा करते हुए जिला विकास हल तक पहुँची, जहाँ सभा सम्पन्न हुई।

इस कार्यक्रम में गठबन्धन के शीर्ष नेताओं, विभिन्न पार्टी अध्यक्षों, केन्द्रीय पदाधिकारियों तथा हजारों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। सहभागी जनता ने “एक मधेश, एक प्रदेश”, “मधेसी तथा उत्पीड़ित जनता के अधिकार सुनिश्चित करो”, “ओबीसी आयोग एवं निषाद आयोग गठन करो”, “पूर्ण समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली लागू करो”, “उर्दू विश्वविद्यालय स्थापित करो” और “भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करो” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलन्द की।

सभा की अध्यक्षता नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहम्मद सैदर ने की, जबकि उद्घोषणा बहुजन एकता पार्टी के नेता प्रकाश महराजी ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व गृह राज्यमन्त्री मो. रिजवान अन्सारी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में बहुजन एकता पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजाराम पासवान, नेपाल सद्भावना पार्टी के रामकुमार महतो, नेपाल जनजागृति पार्टी के अध्यक्ष ध्रुवलाल निषाद तथा मधेश प्रदेश की पूर्व मन्त्री बिमला अन्सारी समेत कई नेता शामिल रहे।

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अपने संबोधन में अन्सारी ने कहा कि उत्पीड़ित जनता की मुक्ति, समानता, सामाजिक न्याय और अधिकार सम्पन्न प्रदेशों के लिए आन्दोलन और सशक्त होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि “राज्य का एकल जातीय सोच, साम्प्रदायिक मानसिकता, वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व की अकर्मण्यता और सत्ता लिप्सा उत्पीड़ित जनता की मुक्ति आन्दोलन में बाधक बने हुए हैं। अब ईमानदार राजनीतिक शक्तियों को संगठित कर तीसरा जनआन्दोलन आगे बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से लिपुलेख–कालापानी जैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने की अपील भी की।
साथ ही २०७३ साल (2017) में रौतहट के गौर में घटित राजनीतिक भिड़न्त की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “दोषी चाहे जो भी हो, उसे कानून के दायर में लाना होगा, अन्यथा पीड़ितों की पीड़ा कभी शांत नहीं होगी।”

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अन्य वक्ताओं ने भी मधेशी और उत्पीड़ित समुदाय के पक्ष में जोरदार संदेश दिए।

  • बहुजन एकता पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजाराम पासवान ने कहा कि दलित, मुस्लिम, निषाद, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय यदि एकजुट हों तो सत्ता के हर स्तर पर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
  • नेपाल सद्भावना पार्टी के रामकुमार महतो ने वर्तमान मधेशी नेतृत्व की नाकामी की आलोचना करते हुए कहा कि “कथित मधेशी नेताओं ने जनता का विश्वास तोड़ा है, अब ईमानदार और समर्पित नेतृत्व चुनना होगा।”
  • नेपाल जनजागृति पार्टी के अध्यक्ष ध्रुवलाल निषाद ने निषाद समुदाय के समानुपातिक प्रतिनिधित्व और सामूहिक संघर्ष पर बल दिया।
  • पूर्व मन्त्री बिमला अन्सारी ने कहा कि “मुस्लिम, दलित, निषाद और पिछड़ा वर्ग को राज्य ने हमेशा पीछे धकेला है, इसलिए अब न्याय और समानता के लिए अपने ही नेतृत्व को चुनना अनिवार्य है।”
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इस प्रकार, जलेश्वर में सम्पन्न रैली और अन्तरक्रिया सभा ने मधेशी तथा उत्पीड़ित समुदाय की एकता, अधिकारों की माँग और भविष्य की दिशा को और सशक्त बनाने का संदेश दिया।

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