नेपाल रेडक्रस सोसाइटी की 63वीं स्थापना दिवस पर मनिकापुर में विशाल रक्तदान कार्यक्रम
नेपालगंज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
नेपाल रेडक्रस सोसाइटी की 63वीं स्थापना दिवस बाँके जिला में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भाद्र 19 गते मनाई गई। इस अवसर पर “मानवता को जीवित रखें” नारा के साथ नेपाल रेडक्रस सोसाइटी मनिकापुर उप–शाखा द्वारा विशाल रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप–शाखा के सभापति नमराज सापकोटा ने की, जबकि प्रमुख अतिथि नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा के सभापति गोवद्र्धन सिंह सम्झना रहे। उद्घाटन अवसर पर सम्झना ने ब्यानर वाचन कर रक्तदान कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सचिव जगन्नाथ कडेल, सदस्य उत्तम कुमार गौतम, नागरिक समाज संयोजक तथा पूर्व मनिकापुर गा.वि.स. अध्यक्ष पदम आर्याल लगायत पदाधिकारी एवं स्थानीय समाजसेवी उपस्थित रहे।

रक्त संकलन का कार्य प्रादेशिक रक्त सञ्चार केन्द्र नेपालगंज के वरिष्ठ सहायक रक्त प्राविधिक सोम प्रकाश सापकोटा तथा सहायक प्राविधिक सन्दीप आचार्य, महेश राना क्षेत्री की टोली ने सम्पन्न किया।

विशेष आकर्षण के रूप में नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज बाँके के सलाहकार तथा शतक रक्तदाता पवन जायसवाल ने इस अवसर पर 105वीं बार रक्तदान किया।
कुल मिलाकर महिला–पुरुष सहित 46 लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें बिनोद सुवेदी, दिनेश बिष्ट, सरोज श्रेष्ठ, हरि बहादुर थापा मगर, नबिन कडेल, आस्था सार्की, भीमसेन अधिकारी, चेतन अग्रवाल, योगेश बस्नेत, बन्टी थारु, जितेन्द्र चौधरी, अमित कुमार चौधरी, रमेश भुजेल, कोपिला भुजेल, राधिका श्रेष्ठ, अमर कमाली, अस्तमित कर्ण, दिपेन्द्र रेग्मी, आशिष भण्डारी, आनन्द परियार, सुभाष बुढाथोकी, दिपक जंग शाह, धिरेन्द्रराज रेग्मी, प्रकाश श्रेष्ठ, चोक बहादुर खडका, सुशीला बुढा, लक्ष्मी कार्की, कौशल न्यौपाने, सौरभ बरोरा, मेघराज सुनार, तरुण अग्रवाल, अमृत मिश्रा, रबि पाण्डे, रुपा सार्की, शोभाराम वर्मा, बिष्णु प्रसाद रेग्मी, बिमल चन्द, केदार बहादुर कटुवाल, निर्मला गुरुङ, बिजय महत, समिक्षा बाहुन, ओम बहादुर थापा मगर, गणेश बहादुर भुजेल, नबिन श्रेष्ठ, बिष्णु बहादुर थारु लगायत रहे।
कार्यक्रम की सफलता में बुटवल होटल एण्ड लज नेपालगंज तथा शर्मा एण्ड कम्पनी का विशेष सहयोग रहा।
मनिकापुर उप–शाखा के कोषाध्यक्ष डिल्ली रेग्मी, चिरञ्जीवी ढकाल, अन्य पदाधिकारी एवं स्थानीयवासियों की सक्रिय सहभागिता रही।


