संविधान संशोधन न होने और भूमि विधेयक पास होने पर मधेश में बड़ा आंदोलन : मोर्चा की चेतावनी
8 months ago
कैलाश दास, जनकपुरधाम, २० भाद्र। संघीय लोकतांत्रिक मोर्चा से जुड़े विभिन्न दलों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि यदि संविधान संशोधन तत्काल नहीं किया गया और भूमि विधेयक यथास्थिति में पारित हुआ, तो मधेश में निर्णायक आंदोलन शुरू होगा।
जनकपुरधाम में जनजागरण अभियान
तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी (तमलोपा) द्वारा शुक्रवार को आयोजित “वर्तमान राजनीतिक अवस्था (जनजागरण अभियान)” कार्यक्रम में मोर्चा के शीर्ष नेताओं ने साझा मंच से आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की।
महन्थ ठाकुर : भूमि विधेयक मधेश पर षड्यंत्र
मोर्चा के संयोजक एवं लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने भूमि विधेयक को मधेश पर किया गया षड्यंत्र करार दिया।
उन्होंने कहा—
- “पूर्व में नदी, जंगल, सड़क और जमीन पर पहाड़ी समुदाय को पुनर्वासित किया गया था। अब सरकार उसी व्यवस्था को कानूनी मान्यता देना चाहती है।”
- “यदि विधेयक पास हुआ तो मधेश सहित पूरे देश में बड़ा आंदोलन होगा।”
ठाकुर ने नेपाल के राष्ट्रवाद को अंधराष्ट्रवाद बताते हुए उसके विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान भी किया।
उपेन्द्र यादव : संघीयता समाप्त करने की साजिश
जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी पर संघीय लोकतंत्र व गणतंत्र विरोधी होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा—
- “संविधान में प्रतिनिधित्व, बजट और विकास में असमानता कायम है।”
- “यदि संविधान संशोधन नहीं हुआ तो मधेशवादी दल आठवाँ संविधान लिखने के लिए आंदोलन में उतरेंगे।”
राजेन्द्र महतो : फूटकर नहीं, जुटकर लड़ाई
राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने शासक वर्ग पर मधेश के खिलाफ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा
- “अधिकार की लड़ाई फूटकर नहीं, जुटकर ही जीती जा सकती है।”
उन्होंने निर्णायक आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया।
हृदयेश त्रिपाठी : भूमिहीनों के नाम पर संसाधनों का दोहन
जनता प्रगतिशील पार्टी के अध्यक्ष हृदयेश त्रिपाठी ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि—
- “भूमिहीनों को लालपुर्जा बांटने के नाम पर चुरे और जलस्रोत नष्ट किए जा रहे हैं।”
उन्होंने भावनात्मक एकता और संविधान संशोधन के माध्यम से ही भेदभाव समाप्त करने पर बल दिया।
वृशेषचन्द्र लाल : गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ना होगा
तमलोपा के अध्यक्ष वृशेषचन्द्र लाल ने अतीत की गलतियों को आत्मसात करने और समीक्षात्मक ढंग से मोर्चा को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने भूमि विधेयक के खिलाफ मधेश में ही आंदोलन की चेतावनी दी।
अन्य नेताओं की राय
- डॉ. विजय सिंह (तमलोपा) : कृषि, पानी, शिक्षा, विकेंद्रीकरण और संविधान संशोधन जैसे मुद्दों को हल किए बिना संघीयता प्रभावकारी नहीं हो सकती।
- परमेश्वर साह (लोसपा महासचिव) : आंदोलन को प्रभावकारी बनाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना आवश्यक।
- सुरिता साह (जसपा नेतृ), असगर अली (तमलोपा नेता), प्रमिला सिंह (नागरिक मुक्ति पार्टी) : मधेश की उपलब्धियों की रक्षा हेतु ईमानदार एकता आवश्यक।
अन्तमें
जनकपुरधाम की इस सभा में विभिन्न मधेशवादी दलों के शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि यदि संविधान संशोधन नहीं हुआ और भूमि विधेयक को जसका तस पारित किया गया, तो मधेश फिर से बड़े आंदोलन की ओर अग्रसर होगा।







