राष्ट्रपति कार्यालय सक्रिय बने :सम्पादकीय, नया पत्रिका
काठमांडू, नया पत्रिका, २०७९ भाद्र २६ । जेन–जी पीढ़ी का आंदोलन सफल हो चुका है। लेकिन, नई सरकार गठन की स्पष्ट तस्वीर अभी तक सामने नहीं आई है। निश्चित रूप से नई सरकार का गठन युवाओं की भावना, इच्छा और रुचि के अनुसार ही होना चाहिए। वह ऐसी होनी चाहिए, जिससे उन्हें अपनापन महसूस हो।
लेकिन, सरकार गठन के संवाद के लिए जो निकाय सक्रिय हुआ है, वह उपयुक्त नहीं दिखता। ऐसे विमर्श के लिए राष्ट्रपति कार्यालय ही सक्रिय होना चाहिए। सेना मुख्यालय के सक्रिय होने से लोकतंत्र को अच्छा संदेश नहीं जाता।
अभी यह संवैधानिक शून्यता की स्थिति भी नहीं है। राष्ट्रपति मौजूद हैं, जो संविधान के संरक्षक भी हैं। नई सरकार गठन के लिए राष्ट्रपति कार्यालय को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
विपरीत परिस्थितियों में नागरिकों को शांति–सुरक्षा देने के लिए सेना का सक्रिय होना स्वाभाविक है, जो कि अभी हो भी रहा है। लेकिन इसके अतिरिक्त राजनीतिक मुद्दों में राष्ट्रीय सेना विवाद में फंसने की स्थिति में नहीं आनी चाहिए।


