गोपाल–नीना फाउण्डेशन नेपाल द्वारा आश्रितों को भोजन, बालबालिकाओं को पेंटिंग और खेल सामग्री वितरण
नेपालगंज/(बाँके) पवन जायसवाल । गोपाल–नीना फाउण्डेशन नेपाल द्वारा नेपालगंज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–९ स्थित नीलसागर सेवा आश्रम में रह रहे आश्रित बच्चों को पेंटिंग और खेल सामग्री वितरण किया गया।
६२वें अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में आश्रित बच्चों को सामग्री दी गई और सभी आश्रितों को विशेष भोजन भी कराया गया।
फाउण्डेशन की सह-निदेशक डा. तृप्ति पाल रमण के अनुसार, नीलसागर सेवा आश्रम में रहने वाले ७८ अभिभावक-विहीन एवं असहाय बच्चों को पेंटिंग और खेल सामग्री प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बाल दिवस के अवसर पर इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण तथा स्वास्थ्य परामर्श सेवा दी गई थी।
फाउण्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष तथा वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ डा. गौरव श्रेष्ठ ने जानकारी दी कि इस अवसर पर नीलसागर सेवा आश्रम के २५४ आश्रितों को भोजन भी कराया गया। साथ ही बच्चों को स्टेशनरी किट और हाइजीन किट भी प्रदान किए गए। भोजन कार्यक्रम में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ, संस्थापक अध्यक्ष डा. गौरव श्रेष्ठ तथा आयोजक टीम के अन्य अतिथियों ने भी सहभागिता की।
वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने अपने वक्तव्य में कहा कि बि.सं. २०७९ में स्थापित गोपाल–नीना फाउण्डेशन नेपाल अपनी स्थापना काल से ही सामाजिक, मानवीय तथा स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम नेपाल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. गोपाल प्रसाद श्रेष्ठ और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ के नाम पर उनके सुपुत्र डा. गौरव श्रेष्ठ की अध्यक्षता में स्थापित यह फाउण्डेशन बीते २० वर्षों से विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जनमत अर्ध साप्ताहिक का संचालन करता आ रहा है। इसके अलावा, गत वर्ष से यह त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।
नेपालगंज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–१० निवासी श्रेष्ठ दम्पत्ति वर्ष २०३९ बि.सं. से लगातार चिकित्सा सेवा प्रदान करते आ रहे हैं।
नीलसागर आश्रम की संस्थापक अध्यक्ष सरिता खनाल ने स्वागत भाषण में बताया कि बि.सं. २०७३ में स्थापित इस संस्था में वर्तमान में २५४ अनाथ बच्चे रह रहे हैं। स्थानीय सरकार के अलावा अन्य किसी स्रोत से सहयोग न मिलने के कारण यह आश्रम जनता के सहयोग पर ही संचालित हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भवन अभी निर्माणाधीन है तथा दो संरचनाएँ बनने के बावजूद अभी पूर्ण नहीं हो पाई हैं। अध्यक्ष खनाल ने आश्रित बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आश्रम प्रबंधन से जुड़ी समस्याएँ भी रखीं।
कार्यक्रम में गोपाल–नीना फाउण्डेशन नेपाल के कार्यालय प्रमुख दिलीप गिरी, रिसर्च अफिसर प्रतिभा पौडेल और अनूप आर्या, अन्नपूर्ण गैस्ट्रो केयर अस्पताल के कर्मचारी दक्षिणा क्षेत्री, रोशनी रानामगर, पवित्रा थापा मगर सहित अन्य ने सक्रिय भूमिका निभाई।


