जनकपुर से नागरिक आन्दोलन का शंखघोष
कैलास दास,जनकपुर, असार २२ । जनकपुर के युवा नागरिको ने आज नयाँ संविधान के प्रारम्भिक मस्यौदा को लेकर आन्दोलन का शंषघोष किया है । चार प्रमुख दल के १६ बुँदे सहमति में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया नयाँ संविधान के प्रारम्भिक मस्यौदा को मधेश विरधी होने का आरोप लगाते हुए यह आन्दोलन शुरू किया गया है|
विभिन्न राजनीतिक दलों में आवद्ध तथा स्वतन्त्र युवा नागरिक का साझा मंच ‘मधेश अधिकार संघर्ष समिति’ ने मधेश विरोधी मस्यौदा को तत्काल बदलाव की माँग करते हुए मंगलवार जनकपुर में शंख बजाकर आन्दोलन का उद्घोष किया है ।
युवाआें का एक समूह जनकचोक में उपस्थित होकर प्रमुख चार दल के विरोध में नाराबाजी करते हुए चेतावनी दिया कि अगर मस्यौदा में फेर बदल नही किया गया तो सशख्त आन्दोलन किया जायेगा । सहभागी युवाआें ने कहा कि मस्यौदा में रहा प्रावधान मधेश तथा मधेशी को राष्ट्र का दुसरा दर्जा का नागरिक बनाने का षड्यन्त्र है ।
विगत के आन्दोलन को उपेक्षा करते हुए प्रमुख ४ दल ने जिस प्रकार का मस्यौदा लाया है वह मधेशी जनता को कदापी स्वीकार नही करेंगे समिति का संयोजक सरोज मिश्र ने कहा । संयोजक मिश्र ने यह भी कहा कि मस्यौदा मधेश आन्दोलन के भावना विपरित है जिसे मधेशी जनता स्वीकार नही करेगा उसके विरोध में मधेश के सभी जिला में संघर्ष समिति गठन कर आन्दोलन में जाऐगा बताया ।
उन्होने यह भी कहा कि अगर सभासद मस्यौदा में सुधार नही किया तो ४८ घण्टा के अन्दर में मधेश लगायत के जिलों मे सशक्त आन्दोलन होने से कोई नही रोक सकता है ।

