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इंजीनियरिंग में आने वाला समय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन का होगा : राकेश जैन

 

राकेश जैन, उदयपुर । तकनीक की दुनिया जिस तेजी से बदल रही है, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाला समय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ई.सी.ई.) का होगा।

आज हम जिस आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा हैं, उसकी लगभग हर सुविधा कहीं न कहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार तकनीक पर आधारित है। मोबाइल फोन, इंटरनेट, सैटेलाइट, 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट डिवाइस, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आई.ओ.टी.) जैसी तकनीकों ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य की दुनिया इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन के बिना अधूरी है।कुछ वर्षों पहले तक इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा आकर्षण केवल कंप्यूटर साइंस की ओर देखा जाता था। लेकिन अब धीरे-धीरे उद्योगों और तकनीकी संस्थानों का ध्यान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की ओर तेजी से बढ़ रहा है।कारण साफ है—हर नई तकनीक के पीछे इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है।आज मोबाइल केवल बात करने का माध्यम नहीं रह गया, बल्कि वह एक छोटा कंप्यूटर बन चुका है।5जी नेटवर्क, हाई-स्पीड इंटरनेट और वायरलेस कम्युनिकेशन ने दुनिया को पहले से कहीं ज्यादा तेज और स्मार्ट बना दिया है। आने वाले समय में 6जी, स्मार्ट सिटीज, ड्रोन टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों का विस्तार होगा, जिनकी नींव ई.सी.ई. पर ही आधारित है।उदाहरण के लिए, आज स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग होने वाले स्मार्ट मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इलेक्ट्रिक और सेल्फ-ड्राइविंग कारें, रक्षा क्षेत्र में रडार और मिसाइल सिस्टम, और अंतरिक्ष अनुसंधान में सैटेलाइट कम्युनिकेशन—इन सभी के केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ही है।यह कहना भी गलत नहीं होगा कि भविष्य में केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का महत्व भी कई गुना बढ़ने वाला है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को भी सही तरीके से काम करने के लिए तेज कम्युनिकेशन नेटवर्क और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जरूरत होती है।आज भारत भी “डिजिटल इंडिया” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और सेमीकंडक्टर तकनीक को बढ़ावा दे रहा है।

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देश में चिप निर्माण (सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग) और टेलीकॉम सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है, जिससे ई.सी.ई. छात्रों के लिए रोजगार और रिसर्च के अवसर लगातार बढ़ेंगे।

हालांकि, इस क्षेत्र में सफल होने के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं होगी।

छात्रों को नई तकनीकों जैसे एम्बेडेड सिस्टम, आई.ओ.टी., वी.एल.एस.आई., कम्युनिकेशन सिस्टम, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ खुद को लगातार अपडेट रखना होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छात्र केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहते।वे टेलीकॉम, एम्बेडेड सिस्टम, वी.एल.एस.आई., रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, रक्षा अनुसंधान, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर कंपनियों तक में अपना करियर बना सकते हैं। आज बड़ी-बड़ी तकनीकी कंपनियां ऐसे इंजीनियरों की तलाश कर रही हैं, जिन्हें हार्डवेयर और कम्युनिकेशन सिस्टम की अच्छी समझ हो।भारत सरकार भी “डिजिटल इंडिया” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा दे रही है। देश में चिप निर्माण और टेलीकॉम सेक्टर में हो रहे निवेश से आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग. छात्रों की मांग और अधिक बढ़ने वाली है।इसके अलावा, यह शाखा उन छात्रों के लिए भी बेहतर है जो नई चीजें बनाना और प्रयोग करना पसंद करते हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में छात्र छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाकर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी क्षमता को विकसित कर सकते हैं। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें इनोवेशन और स्टार्टअप की दुनिया में भी सफलता दिला सकता है।

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आज आवश्यकता केवल डिग्री लेने की नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों को समझने की है।

जो छात्र अभी से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में कदम बढ़ाएंगे, वही आने वाले डिजिटल युग के असली निर्माता बनेंगे।जो छात्र प्रैक्टिकल नॉलेज और इनोवेशन पर ध्यान देंगे, वही भविष्य में सबसे ज्यादा सफल होंगे।अंततः, यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाला समय केवल मशीनों का नहीं, बल्कि स्मार्ट कम्युनिकेशन और इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का होगा।और जब दुनिया पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड होगी, तब इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग उसकी सबसे मजबूत नींव बनकर उभरेगी।

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भविष्य उसी का होगा, जो तकनीक को केवल उपयोग करना नहीं, बल्कि उसे विकसित करना भी सीखेगा—और इस बदलाव के केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग होगी।

राकेश जैन-  असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, गीतांजली कॉलेज, डबोक,उदयपुर

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