जल्द ही शुरू निर्माण कार्य शुरू होगा रक्सौल काठमांडू रेल परियोजना
जनकपुर से मिश्री लाल मधुकर।बिहार राज्य के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक नई रेलवे लाइन की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है।
इंडियन रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, इंटरनेशनल रक्सौल-काठमांडू रेलवे लाइन की लंबे समय से प्लान की गई DPR तैयारी के आखिरी स्टेज में पहुंच गई है और इसे जनवरी 2026 में सौंप दिया जाएगा।
एक बार यह रेलवे लाइन चालू हो जाने पर, रक्सौल से काठमांडू की दूरी 3 घंटे में तय की जा सकेगी। अभी, सड़क से इतनी ही दूरी तय करने में 6-7 घंटे लगते हैं। प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 25 हजार करोड़ भारतीय रुपये है।
भारत के कोंकण रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, बनने वाली रेलवे लाइन पर कुल 13 रेलवे स्टेशन, 42 किलोमीटर लंबी सुरंगें और 124 पुल बनाए जाएंगे। प्रस्तावित ब्रॉड गेज रेलवे लाइन पर ट्रेन की स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
भविष्य में, इस रेलवे लाइन को भारतीय राजधानी नई दिल्ली और काठमांडू से जोड़ने की भी योजना है। कोंकण रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इसे ‘दिल्ली-काठमांडू ट्रेन सर्विस’ के तौर पर एक रीजनल रेल नेटवर्क में डेवलप करने का प्लान है।
यह रेलवे लाइन रक्सौल से जीतपुर, निजगढ़, शिखरपुर, सिसनेरी और सतीखेल होते हुए काठमांडू के चोभर तक जाएगी। यह रेलवे सर्विस न सिर्फ पैसेंजर ट्रेन के तौर पर बल्कि मालगाड़ी के तौर पर भी चलाई जाएगी। इससे भारत और तीसरे देशों से नेपाल तक सामान ट्रांसपोर्ट करने का खर्च कम होने की उम्मीद है।
अभी, नेपाल में बिहार के जयनगर से जनकपुर होते हुए महोत्तरी जिले के भंगहा तक सिर्फ 45 किलोमीटर रेलवे लाइन चालू है।

