रवि बालेन के साथ घिसिङ क्यों नहीं ?
काठमांडू, पुस १३ – रास्वपा सभापति रवि लामिछाने और काठमांडू महानगर के मेयर बालेन साह के बीच तो समझौता हो गया है । इन दोनों के साथ होने में एक और व्यक्ति का होना अहम देखा जा रहा था वो थे कुलमान । पिछले कुछ दिनों से वो लगातार संवाद कर रहे थे लेकिन समझौता केवल रवि और बालेन के बीच ही हो पाई है । पिछले कुछ समय से एकता के लिए निरंतर संवाद में रहे उज्यालो नेपाल पार्टी के संरक्षक कुलमान घिसिङ इस समझौते में पीछे छुट गए हैं । रास्वपा और बालेन दोनों के साथ निरन्तर संवाद में रहे कुलमान ने कहा कि वो ऐसी एकता नहीं करेंगे जिसमें अपनी पार्टी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाए ।
घिसिङ ने यह भी कहा कि नई शक्तियों को सभी के अस्तित्व को स्वीकार करना चाहिए और सम्मान के साथ एकजुट होना चाहिए । घिसिङ ने बताया कि उन्होंने एकता के बाद पार्टी के नाम और जिम्मेदारी की बँटवारे से असंतुष्टि जताई थी । इसलिए वो एकता प्रक्रिया में सहभागी नहीं हुए
यद्यपि रास्वपा और बालेन साह पक्ष के नेताओं का कहना है कि अभी भी घिसिङ के साथ एकता की संभावना है ।
रवि और बालेन बीच हुए सहमति में ‘अन्य परिवर्तनकारी और सुसंस्कृत राजनीतिक शक्तियों, समूहों तथा व्यक्तियों को सहकार्य के लिए आव्हान करने’ के विषयों का उल्लेख किया गया है । इन्हीं बूंदो को लेकर घिसिङ के साथ ही अन्य नेताओं के साथ एकता के लिए प्रयास किया जा रहा है ।

