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पॉपुलिस्ट बालेन के सामने अनुभवी, स्ट्रेटजिस्ट गगन ! : चंदन दुबे

 

चंदन दुबे, जलेश्वर, १९ जनवरी। नेपाल में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और इस बार के चुनाव में युवा नेताओं कि काफ़ी चर्चा हो रही है ! हाल ही नेपाली कॉंग्रेस पार्टी के विशेष महाधिवेशन से सभापति चुने गए गगन कुमार थापा और उपसभापति निर्वाचित हुए विश्व प्रकाश शर्मा कि जोड़ी ने पुरे नेपाल का ध्यान खिंचा है तो दूसरी तरफ रास्वपा के अध्यक्ष रवि लामीछाने और वरिष्ठ नेता बालेन साह की जुगलबंदी के चर्चे भी खूब सुने जा रहे हैँ !
भाद्र २३ और २४ गत्ते हुए Gen Z विद्रोह ने नेपाल की राजनीतिका नज़रिया बदल दिया है ! न केवल युवा पीढ़ी बल्कि पहले जो लोग खानदानी या उम्रदराज पुराने नेताओं के ऊपर विश्वास दिखाते थे वही लोग आज युवाओं के समर्थन में खडे दिखाई पड़ते हैँ ! इन्हीं हालातों का असर है की प्रचण्ड नेतृत्व की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में भी युवाओं को प्रोत्साहित करने की चुनावी घोषणा की गई है साथ ही अन्य पार्टियों में भी Gen Z विद्रोह का असर देखा जा सकता है !
Gen Z विद्रोह के धरातल पर खडे होकर राजनीतिक लाभ लेने हेतु बालेन जैसे लोग रवि लामीछाने से मिल गए हैँ तो परिस्थितियों का आंकलन करते हुए नेपाली कॉंग्रेस ने भी युवा नेतृत्व पर भरोसा दिखाया है !
हालांकि बहुमत महाधिवेशन प्रतिनिधियों के द्वारा नेपाली कॉंग्रेस के विधान और कानूनतः सभापति चुने जाने के बावजूद भी गगन थापा नेतृत्व की कार्यसमिति को नेपाली कॉंग्रेस के भीतर ही शेर बहादुर देउवा पक्षीय नेताओं की तरफ से कानूनी चुनौती और विरोध का सामना करना पड़ रहा है !  तथापि गगन के सभापति बनते ही नेपाली नागरिक और बौद्धिक समाज में रवि बालेन और गगन विश्वप्रकाश की जोड़ी के बिच चुनावी टक्कर होने की चर्चा भी शुरू हो गई है !
जहाँ रास्वपा ने बालेन साह को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया हुआ है वहीं पार्टी सभापति निर्वाचित होने के बाद से गगन थापा भी अगले प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में चर्चा का केंद्र बने हुए हैँ !
विशेष महाधिवेशन से पहले जो लोग आसन्न निर्वाचन में नेपाली कॉंग्रेस को बड़ा नुकसान होने की सम्भावनाएं व्यक्त कर रहे थे वही अब मुख्य प्रतिद्वंदी होने की बात करने लगे हैँ !
तो चलिए टीम गगन और टीम बालेन पर आम लोगों से जो राय ली है उस दायरे में रहकर चर्चा करते हैँ !
३५ वर्षीय बालेन साह ने इंजीनिरिंग तक की पढ़ाई की है और एक रैप सिंगर के रुपमें चर्चा में आए ! उन्होंने वि.स. २०७९ के स्थानिय निर्वाचन में बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार काठमांडौ महानगरपालिका के मेयर पद का चुनाव जीता ! मेयर रहते हुए कार्यकक्ष में ग्रेटर नेपाल का नक्शा लगाना, केन्द्र सरकार को चुनौती देना, सिंह दरवार जलाने की धमकी देने से लेकर दलगत राजनीति के विरोध में अनेकन अनर्गल बयानबाजी और पोलिटिकल स्टंटस् को हथियार बनाकर एक पापुलिस्ट नेता के रूप में स्थापित हो रहे बालेन्द्र साह ने Gen Z विद्रोह के बाद लेन बदला और रास्वपा से नजदीकियां बढ़ाई जहाँ सहकारी ठगी का आरोप झेल रहे रवि लामीछाने और उनकी टीम ने इनको बतौर प्रधानमंत्री उम्मीदवार पार्टी में स्वागत स्वागत किया ! फिलहाल संगठन में इनको वरिष्ठ नेता का सम्मान दिया गया है ! बतौर मेयर बालेन ने काठमांडौ में सड़क चौड़ीकरण, फुटपाथ सफाई, महानगर की सम्पत्ती संरक्षण इत्यादि के क्षेत्र में कुछ उल्लेखनिय काम भी किए हैँ ! लेकिन अपने कार्यक्षेत्र में चुनाव लड़ने से परहेज करते हुए पुनः पॉपुलिस्ट स्लोगन के तहत कभी ओली के विरुद्ध झापा ५ तो कभी मधेशी भेष धारण कर महोत्तरी ३ और धनुषा ३ से बालेन के चुनाव लड़ने की चर्चा भी हो रही है ! हालांकि काठमांडौ में चुनाव जितने के बारा में बालेन बहुत सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैँ ! वहाँ के स्थानिय लोगों में घर मकान तोड़ने कबाड़ तथा फुटपाथ व्यवसायियों का आक्रोश और Gen Z विद्रोह में पीड़ित व्यवसायियों का विरोध काठमांडौ में बालेन को चुनाव जितने में बड़ी परेशानी ख़डी कर सकता है !
दूसरी तरफ गरीब कमजोर मधेशी फुटपाथ व्यवसायी और रानी पोखरी में मधेशी छठ व्रत धारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की चर्चा मधेश में भी बालेन के विरुद्ध एक चुनावी मुद्दा बन सकता है ! इस जुगलबंदी द्वारा Gen Z विद्रोह के समय नजदीक आने और संदेहास्पद भूमिका होने की बात आम नेपालीजन के बिच आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है !
फिर भी पुरानी पार्टियों और नेताओं के यथास्थितिवादी चरित्र और अहंकार के कारण लोग इनको वैकल्पिक शक्ति के रूप में देख रहे हैँ ! नेपाली नागरिक देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, कुशासन और राजनीतिक नातावाद कृपावाद से मुक्ति चाहते हैँ और राजनीतिक विकल्प की तलाश में हैँ ! शेर बहादुर देउवा, केपि ओली और प्रचण्ड के पॉलिटिकल म्यूजिकल चेयर शो से लोग अब ऊब चुके हैँ और देश में स्थिर तथा एक नविन और ऊर्जावान सरकार चाहते हैँ ! या फिर यूँ कहें की नेपाल अब राजनीतिक पुस्तान्तरण चाहता है ! खास तौर पर युवाओं के बिच बालेन की लोकप्रियता दिखाई दे रही है !
लोगों में पुराने नेताओं के प्रति जो असंतोष है दरअसल बालेन और रवि की जोड़ी उसी का लाभ लेना चाह रहे हैँ ! पुरानी पार्टियों में जिस तरह सीनियर नेताओं ने कब्ज़ा रखा हुआ है उस स्थिति में राजनीतक पुस्तान्तरण के नाम पर रवि बालेन की जोड़ी ने एक विकल्प बनने की कोशिश जरूर की है और जनता का ध्यान भी खिंचा है ! फिलहाल नेपाली आम मतदाताओं में विकल्प के रूप में बालेन साह का क्रेज स्पष्ट देखा जा सकता है !
बालेन के सरथी,निवर्तमान सांसद और रास्वपा अध्यक्ष रवि लामीछाने भी एक बार सांसद और मन्त्री रहे हैँ ! पार्टी का संगठन अभी देश भर में नहीं है फिर भी पत्रकारिता के पृष्ठभूमि से आए लामीछाने पॉपुलिस्ट बात करने और आक्रोषित युवाओं तथा असंतुष्ट नागरिकों का ध्यान खींचने में माहिर रहे हैँ !
समय सापेक्ष राजनीतिक पैंतरेबाजी में माहिर रवि लामीछाने बालेन के साथ मिलकर एक अच्छा राजनीतिक माहौल बनाने की भरपूर कोशिश कर सकते हैँ और नेपाली कॉंग्रेस के मुक़ाबले देशको एक नयाँ लोकतान्त्रिक राजनीतिक विकल्प देनेको देख सकते हैँ !
दूसरी तरफ गगन थापा विशेष महाधिवेशन से नेपाली कॉंग्रेस के सभापति चुनकर आने के बाद देश का राजनीतिक माहौल अचानक से बदल गया है ! गगन विश्व की जोड़ी ने सोशल मीडिया,आम संचार और सामाजिक चौक चौराहों पर रवि बालेन की जुगलबंदी को कड़ी टक्कर दे दी है ! सभापति बनने के बाद गगन थापा के सोशल मीडिया प्लेटफार्मस् पर काफ़ी तेजी से फॉलोवर्स भी बढ़ रहे हैँ !
लोगों में गगन के नेतृत्व को लेकर उत्साह देखा जा रहा है ! बालेन और रवि लामीछाने कि तुलना में गगन अनुभवी, सक्षम और परिपक्व नेता के रूप में एक लोकप्रिय छवि बनाने में सफल रहे हैँ ! चार बार सांसद निर्वाचित गगन थापा ने स्वास्थ्य मन्त्री रहते हुए आम नेपालियों के लिए स्वास्थ्य विमा और प्रत्येक सरकारी अस्पताल में निशुल्क तथा सुलभ औषधि कि व्यवस्था की नीति बनायी जिस जनप्रिय कार्यक्रम का लाभ अभी भी नेपाली नागरिकों को प्राप्त हो रहा है !  रवि और बालेन पॉपुलिस्ट नेता हैँ और जनता के बिच फैल रहे असंतोष और आक्रोश से उत्पादित नेता हैँ जबकि गगन थापा नेपाल विद्यार्थी संघ कि भट्ठी में तपकर तैयार हुए हैँ ! वर्तमान नेपाली कॉंग्रेस के सभापति थापा कॉंग्रेस निकट नेपाल विद्यार्थी संघ के पूर्व अध्यक्ष रहे हैँ और नेपाली कॉंग्रेस के निर्वाचित महामंत्री भी ! उनका सांगठनिक पहुँच देश के प्रत्येक गाँव और मोहल्ले तक है !
गिरिजा प्रसाद कोईराला के नेतृत्व में वि. सं. 2062/63 में हुए राजतंत्र के विरुद्ध प्रजातान्त्रिक आन्दोलन में गगन ने काठमांडू में कुशल नेतृत्व और संगठन क्षमता का बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए तात्कालीन राजा ज्ञानेंद्र शाह के राजतन्त्र की नींव हिला दी थी !
जहाँ बालेन रैप सिंगर के रूप में चर्चा में आए वहीं आन्दोलन का नेतृत्व कर नेपाली राजनीति में चर्चा प्राप्त किया !  गगन पर गिरिजा कोईराला ने विश्वास दिखाया और युवा गगन थापा ने निराश नहीं किया वो २०६४ में संसद में संविधान सभा सदस्य के तौर पर निर्वाचित होकर पहुँचे और यह सफर चौथी बार सांसद और विशेष महाधिवेशन से नेपाली कॉंग्रेस के सभापति होने तक अविराम जारी है !
नेपाली राजनीति में कुशल राजनीति एयर कूटनीतिकार, बेजोड़ तथा स्पष्ट वक्ता, कुशल संगठनकर्ता, बेहतर राष्ट्रिय अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध और बेहतर नेटवर्क, सूचना तंत्र, मीडिया प्रबंधन और जनता तथा नेपाली कॉंग्रेस पार्टी पर बेजोड़ पकड़ गगन थापा को आधुनिक परिवेश में रवि या बालेन से कहीं प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित करते है !
फिलहाल नेपाली कॉंग्रेस को एकजुट रखते हुए गगन के नेतृत्व में चुनाव में जाने से बेहतर परिणाम प्राप्त किया जा सकता है ! किन्तु पार्टी का मतभेद उनके लिए गंभीर चुनौती पैदा कर सकता है ! खुद की पार्टी के भीतर विद्रोह कर जनभावना के अनुसार राजनीतिक रूपान्तरण और पुस्तान्तरण के पक्ष में मजबूती से खडे होने वाले गगन को युवाओं का भावनात्मक अटेंशन भी मिल सकता है !
लोगों की मानें तो देश में वार्ड स्तर तक सांगठनिक पकड़ और नेपाल के इतिहास, भूगोल तथा राष्ट्रिय अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, बेजोड़ राजनीतिक और कूटनीतिक समझ  रखने वाले गगन थापा आधुनिक नेपाल के राजनीतिक परिवेश में प्रधानमंत्री के लिए सबसे अनुभवी, परिपक्व और योग्यतम दावेदार हो सकते हैँ !
थापा के साथ पार्टी में एक बेहतर और बौद्धिक टीम भी है जो कुशल रणनीति और कार्यसम्पादन विधि के साथ मैदान में उतर सकती है !  नेवि संघ के पूर्वक सभापति और वर्तमान उपसभापति अनुभवी,मृदभाषि तथा बौद्धिक नेता विश्व प्रकाश शर्मा गगन थापा के प्रमुख सारथी हैँ जिन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया हुआ है ! महासचिव गुरु घिमिरे पार्टी के प्रवक्ता तथा बौद्धिक नेता देवराज चालीसे केन्द्रिय सदस्य मधु आचार्य  जैसे मेहनती और अनुभवी राजनीतिकर्मियों की .संगठित “टीम गगन” देश और युवाओं का सेंटिमेंट आकर्षित करने के साथ सांगठनिक और रणनीतिक तौर पर भी बेहतर कर सकने का कौशल रखती है !
योगेश भट्टराई जैसे प्रखर युवा नेताओं के आतंरिक विद्रोह का दमन कर नेकपा एमाले पार्टी भी केपि ओली के नेतृत्व में लगभग एकजुट है और अपने जनाधार और जमीनी संगठन के बलपर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है !
अगर चुनावी लड़ाई का पैटर्न बदला और प्रतिस्पर्धा लोकतान्त्रिक और कम्युनिस्ट पार्टियों के बिच होने की सम्भावना बढ़ती है तो मुख्य लड़ाई नेपाली कॉंग्रेस और नेकपा एमाले के बिच भी दिखाई दे सकती है !
इस सूरत में पब्लिक सेंटिमेंट की नींव पर ख़डी रास्वपा की हालत बिगड़ भी सकती है और बिहार चुनाव में हुए प्रशांत किशोर और मुकेश साहनी जैसी भी हो सकती है !
नेपाली कॉंग्रेस की चुनौती भी आसान नहीं होने वाली है ! किसी भी गठबंधन को अस्वीकार कर चुके गगन विश्वप्रकाश के लिए नयाँ गठबंधन करना भी प्रश्नवाचक हो सकता है ! अतः गगन विश्व प्रकाश की जोड़ी को कॉंग्रेस को एकमत रखने और जनता का मत खुद की पार्टी के दम पर जितने की कड़ी चुनौती होगी !
देखने वाली बात होगी की नेपाली जनता अनुभवी और स्ट्रेटजिस्ट गगन के साथ ख़डी होती है की पॉपुलिस्ट बालेन के साथ ?

यह भी पढें   प्रधानमंत्री बालेन पहुँच रहे हैं काठमांडू
चंदन दुबे

 

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