सीतामढ़ी की बेटी गायिका मोनी झा ने सूरजकुंड मेला के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दी मनमोहक प्रस्तुति

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । जिले की बेटी व सुप्रसिद्ध गायिका मोनी झा ने बिहार व दिल्ली में आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों में प्रस्तुति के बाद हरियाणा के फरीदाबाद में 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित 16 दिवसीय 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला के पांचवें दिन 60 देशों से आये कलाकारों के बीच मुख्य चौपाल पर पहली बार बतौर गायिका अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया और खूब सुर्खियाँ बटोरी।
‘एहन सुंदर मिथिला धाम, दोसर पायब कोने ठाम (मिथिला वर्णन)’, ‘तुम उठो सिया श्रृंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है (सीता-राम विवाह गीत)’, ‘मैं तो चंदा जैसी नार, राजा क्यों लाये सौतनिया (हरियाणवी लोक गीत)’, रसिया को नार बनाओ री (होली गीत)’, डिम-डिम डमरू बजावेला हमार जोगिया (नचारी) व ‘तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी (राम भजन)’ आदि गीतों से मोनी झा ने 60 देशों के कलाकारों के बीच भारत के बहुआयामी कला, संस्कृति की भव्यता और खुशबू को मैथिली, भोजपुरी, हरियाणवी व हिन्दी भाषाओं में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के बाद पर्यटन विभाग, हरियाणा सरकार के सात उच्चाधिकारियों ने एकसाथ मिलकर मोनी झा को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

देश के माननीय उप-राष्ट्रपति श्री चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन जी ने शनिवार को इस मेले का उद्घाटन किया था। मेले का विषय ‘स्थानीय से वैश्विक (लोकल टू ग्लोबल)’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इस वर्ष मेले में मिस्र सहभागी देश है। उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य बनाया गया है।


