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बांग्लादेश चुनाव : बीएनपी को बहुमत मिला, खालिदा जिया के बेटे बनेंगे प्रधानमंत्री

 

बांग्लादेश

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है. ताजा रुझानों और नतीजों के मुताबिक, बीएनपी यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अब तक 151 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. इसके साथ ही पार्टी बहुमत के करीब पहुंच चुकी है और सरकार बनाने का रास्ता साफ नजर आ रहा है. सबसे बड़ी खबर यह रही कि बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट से जीत हासिल की है. पार्टी के मीडिया सेल से जुड़े नेताओं ने इसकी पुष्टि की है. गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे तारिक रहमान ने राजधानी के गुलशन मॉडल हाई स्कूल केंद्र पर मतदान किया था. उनके साथ पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी भी मौजूद थीं.
जमात मुख्य विपक्ष की भूमिका में
रुझानों के अनुसार जमात-ए-इस्लामी 43 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर रही है. देशभर से लगातार नतीजे सामने आ रहे हैं और तस्वीर लगभग साफ होती जा रही है कि संसद में इस बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार हुआ है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने और अंतरिम सरकार के गठन के बाद जनता को पहली बार सीधे वोट देने का मौका मिला. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसे ‘नए बांग्लादेश की शुरुआत’ बताया और लोगों से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की थी.
मतदान के बीच कई विवाद भी सामने आए. आवामी लीग ने चुनाव को ‘दिखावा’ बताते हुए धांधली, धमकी और दमन के आरोप लगाए. कुछ जगह पोलिंग एजेंटों को रोकने और पत्रकार पर हमले की खबर आई. मुंशीगंज में मतदान केंद्र के बाहर धमाका हुआ, जबकि ढाका और खुलना में झड़पों की घटनाएं सामने आईं, जिनमें एक बीएनपी नेता की मौत हो गई. इसके अलावा मतदान से पहले नकदी बरामदगी, केंद्रों में घुसपैठ और बैलेट से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया. हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान कहीं नहीं रुका और हालात नियंत्रण में हैं.
मुकाबले की तस्वीर
इस बार आवामी लीग मैदान से बाहर है, जिससे मुकाबला मुख्य रूप से बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले मोर्चे के बीच माना जा रहा है. दोनों पक्ष जीत को लेकर आश्वस्त हैं. युवाओं की बड़ी भूमिका और एआई आधारित प्रचार जैसे नए तत्व इस चुनाव को अलग पहचान दे रहे हैं.

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