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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनाव परिणाम को मानने से इनकार किया

 

ढाका।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को संपन्न आम चुनाव को पूरी तरह फर्जी और असंवैधानिक बताते हुए अस्वीकार कर दिया है। भारत में निर्वासन में रह रहीं हसीना ने अपनी पार्टी ‘अवामी लीग’ पर चुनाव लड़ने से रोक लगाए जाने और अंतरिम सरकार द्वारा अवैध रूप से सत्ता पर कब्जा कर चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए इसे अवैध घोषित किया।

चुनाव परिणाम सार्वजनिक होने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने कहा, “मोहम्मद यूनुस ने असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा किया और उसी सेटिंग के तहत यह दिखावटी चुनाव कराया गया है। जनमत को कुचलकर कराए गए इस चुनाव की कोई वैधानिकता नहीं है।”

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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 299 सीटों में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। हालांकि, हसीना का कहना है कि मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल अवामी लीग को प्रक्रिया से ही बाहर रखकर कराया गया चुनाव बांग्लादेशी जनता का वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं करता। 15 वर्षों तक बांग्लादेश पर शासन करने वाली हसीना की पार्टी को इस बार चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई थी।

बीएनपी की जीत के साथ ही खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान का बांग्लादेश का नया प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। 17 वर्षों के निर्वासन के बाद पिछले दिसंबर में स्वदेश लौटे रहमान ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से जीत दर्ज की है। हसीना ने रहमान के नेतृत्व और वर्तमान चुनाव प्रक्रिया—दोनों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के विपरीत बताया है।

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चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 70 सीटें हासिल की हैं। जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की है।

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