मैथिली भाषा के विकास हेतु प्रदेश सरकार कटिबद्ध : मुख्यमंत्री

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । नेपाल में नेपाली के बाद सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा मैथिली के समुचित अधिकार और सम्मान के लिए मधेश प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। उपरोक्त बातें मंगलवार को जनकपुरधाम में मैथिली विकास कोष द्वारा आयोजित चार दिन दिवसीय जनकपुरधाम साहित्य कला तथा अन्तराष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह के बाद प्रमुख अतिथि पद से वोलते हुए मुख्यमंत्री कृष्ण कुमार यादव ने कहीं। मुख्यमंत्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि मैथिली का साहित्य, कला, संस्कृति का काफी उन्नत हैं। भाषायी भेदभाव का शिकार मैथिली जरूर है। लेकिन मधेश प्रदेश सरकार इस बाधा को दूर करने का प्रयास करेगी।
चार दिवसीय साहित्य, कला अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में मिनाप द्वारा नाटककार महेन्द्र मलंगिया द्वारा लिखित नाटक छूतहा घैल, जट जटिन, चेतना समिति पटना द्वारा देशिल बयना नाटक मंचित किया जाएगा।
चार दिवसीय महोत्सव में नेपाल भारत के दर्जनों विद्वान विभिन्न बिषयों पर विमर्श करेंगे। इस महोत्सव में कवि गोष्ठी भी आयोजित किया जाएगा।
चार दिवसीय महोत्सव में मिथिला पेंटिंग, लघु तथा कुटीर उद्योग से उत्पादित बस्तु, पुस्तक प्रदर्शनी सहित एक सौ से अधिक स्टाल लगाये गये हैं।
उद्घाटन से पूर्व बारहबीघा से झांकी निकाली गयी थी। जिसमें मिथिला कला, संस्कृति को दर्शाया गया था। जीव नाथ चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न
उद्घाटन समारोह में मधेश प्रदेश के शिक्षा, संस्कृति मंत्री रानी शर्मा, कृषि मंत्री संजय पटेल, बिधायक राम सरोज यादव,जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, मधेश प्राज्ञ प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राम भरोस कापड़ि भ्रमर, साहित्यकार राजेन्द्र विमल, रमेश रंजन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


