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डॉक्टर से सांसद: डॉ. शम्भु यादव की वो ‘घण्टी’ जिसने सिराहा के दिग्गजों को खामोश कर दिया!

Dr. Shambhu Prasad Yadav, an elected MP from Siraha-03 of RSP
 

हिमालिनी डेस्क, 26 मार्च 926 । कहते हैं कि एक डॉक्टर सिर्फ शरीर का इलाज करता है, लेकिन जब वही डॉक्टर समाज के जख्मों को भरने के लिए अपनी सुख-सुविधाएं छोड़कर मैदान में उतरता है, तो एक क्रांति जन्म लेती है। सिराहा-३ की गलियों से उठी यह ‘घण्टी’ की गूँज केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि उन हजारों गरीबों की दुआओं का सैलाब है जिन्होंने मिर्चैया के क्लिनिक में Dr. Shambhu Prasad Yadav  के हाथों में अपना दर्द कम होते देखा था।

आज जब वे अपना सफेद कोट उतारकर संसद की दहलीज पर कदम रख रहे हैं, तो सिराहा की हर माँ की आँखों में खुशी के आँसू हैं और हर युवा के सीने में एक नई उम्मीद। ३२ हजार से ज्यादा वोटों का यह जनादेश गवाह है—अब पुरानी राजनीति का ‘इलाज’ शुरू हो चुका है। यह जीत एक डॉक्टर के संघर्ष, एक बेटे की ईमानदारी और एक नए नेपाल के सपने की जीत है!

 Dr. Shambhu Prasad Yadav, an elected MP from Siraha-03 of RSP


Summary

  • ऐतिहासिक जीत (Landslide Victory): Dr. Shambhu Prasad Yadav ने सिराहा-३ से 32,249 वोट पाकर रिकॉर्ड जीत दर्ज की।

  • भारी अंतर: उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, पूर्व मंत्री Lilnath Shrestha (CPN-UML) को 22,093 वोटों के विशाल अंतर से हराया।

  • डॉक्टर से सांसद: भारत से MBBS करने के बाद उन्होंने ७ साल तक सिराहा के Mirchaiya में एक साधारण स्वास्थ्य क्लिनिक के जरिए गरीबों की सेवा की।

  • पार्टी: वे Rastriya Swatantra Party (RSP) के उम्मीदवार थे, जिन्होंने बिना किसी राजनीतिक विरासत के चुनाव जीता।

  • युवा नेतृत्व: ४१ वर्षीय डॉ. यादव की जीत सिराहा में “पुराने चेहरों” के बजाय “सेवाभावी युवाओं” के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाती है।

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नेपाल के २०२६ के आम चुनावों ने एक बात साफ कर दी है—जनता अब केवल ‘नाम’ को नहीं, ‘काम’ को चुन रही है। सिराहा-३ के चुनावी मैदान में जब परिणाम आने शुरू हुए, तो पूरा देश दंग रह गया। एक ऐसा व्यक्ति जिसके हाथों में कल तक मरीजों के पर्चे थे, आज उसी हाथ में सिराहा की किस्मत की चाबी है। डॉ. शम्भु प्रसाद यादव  Dr. Shambhu Prasad Yadav की यह जीत केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक मसीहा के प्रति जनता का आभार है।

किसके खिलाफ मिली यह ऐतिहासिक जीत ?

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि डॉ. यादव के सामने कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि राजनीति के पुराने खिलाड़ी और पूर्व मंत्री लीलानाथ श्रेष्ठ (CPN-UML) खड़े थे। श्रेष्ठ इस क्षेत्र से पहले भी निर्वाचित हो चुके थे और उनके पास सत्ता का लंबा अनुभव था। लेकिन, जब डॉ. शम्भु यादव की ‘सेवा की घण्टी’ बजी, तो बड़े-बड़े राजनीतिक किले ढह गए।

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२०२६ चुनाव का अंतिम परिणाम (सिराहा-३):

उम्मीदवार पार्टी प्राप्त मत
डॉ. शम्भु प्रसाद यादव रास्वपा (RSP) ३२,२४९
लीलानाथ श्रेष्ठ नेकपा एमाले (UML) १०,१५६
विश्वनाथ साह नेकपा (NCP) ९,९४२
डॉ. सुबाशचंद्र यादव नेपाली कांग्रेस ९,८७९

डॉ. यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को २२,०९३ मतों के विशाल अंतर से हराया। यह अंतर बताता है कि जनता बदलाव के लिए कितनी आतुर थी।

स्टेथोस्कोप से संसद तक का सफर

४१ वर्षीय डॉ. शम्भु यादव की कहानी पटेर्वा गाँव की गलियों से शुरू होती है।   एमबीबीएस करने के बाद काठमांडू के किस्ट मेडिकल कॉलेज (KIST Medical College) जैसे संस्थानों में सेवा देने वाले इस डॉक्टर ने आराम की जिंदगी छोड़कर अपनी मिट्टी को चुना। मिर्चैया के एक छोटे से क्लिनिक में पिछले ७ सालों से गरीबों का इलाज करते हुए उन्होंने केवल दवा नहीं दी, बल्कि लोगों का दर्द महसूस किया।

जब वे चुनाव लड़ने उतरे, तो विरोधियों ने उनका मजाक उड़ाया। कहा गया कि “डॉक्टर साहब को राजनीति की गन्दगी समझ नहीं आएगी।” लेकिन डॉ. यादव का एक ही मंत्र था— “यदि मैं एक व्यक्ति का ऑपरेशन कर उसे जीवन दे सकता हूँ, तो व्यवस्था का ऑपरेशन कर पूरे सिराहा को नया जीवन क्यों नहीं दे सकता?”

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एक नई उम्मीद का उदय

आज सिराहा-३ के हर गाँव, हर झोपड़ी में खुशी के आँसू हैं। किसान कह रहे हैं—“हमारा बेटा अब संसद में बोलेगा।” युवा कह रहे हैं—”अब हमें इलाज के लिए काठमांडू नहीं भटकना पड़ेगा, क्योंकि हमारा डॉक्टर खुद सत्ता के केंद्र में है।”

डॉ. शम्भु यादव की यह जीत उन लाखों युवाओं के लिए मशाल है जो राजनीति को गंदा मानकर दूर भागते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि यदि नियत साफ हो, तो बिना करोड़ों रुपये और बिना किसी विरासत के भी इतिहास रचा जा सकता है।

 Dr. Shambhu Prasad Yadav, an elected MP from Siraha-03 of RSP


People also ask

डॉ. शम्भु यादव ने २०२६ के चुनाव में किसे हराया?

उन्होंने नेकपा एमाले के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री लीलानाथ श्रेष्ठ को हराया।

जीत का अंतर कितना था?

डॉ. शम्भु यादव ने लीलानाथ श्रेष्ठ को २२,०९३ मतों के भारी अंतर से पराजित किया।

उनकी पार्टी का नाम क्या है?

वे रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के उम्मीदवार थे।

राजनीति में आने से पहले उनकी पहचान क्या थी?

वे एक समर्पित चिकित्सक थे, जिन्होंने ७ वर्षों तक सिराहा के मिर्चैया क्षेत्र में स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की।

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