अमेरिका ने नेपाल समेत कई देशों के नागरिकों का TPS खत्म किया

अमेरिकी सरकार ने नेपाल समेत विभिन्न देशों के नागरिकों को दी जा रही टेम्पोररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) सुविधा समाप्त करने का निर्णय लिया है।
अमेरिकी आव्रजन सेवाओं के अनुसार, नेपाल के लिए TPS की अवधि करीब एक वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, इसे औपचारिक रूप से समाप्त किया जाए या जारी रखा जाए, इस संबंध में निर्णय लंबित था। अब अमेरिकी सरकार ने कहा है कि नेपाली नागरिकों के लिए TPS जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है और इसलिए इसे समाप्त करने का फैसला किया गया है।
TPS क्या है?
TPS अमेरिका की ओर से उन देशों के पात्र नागरिकों को दी जाने वाली अस्थायी कानूनी सुरक्षा है, जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा या अन्य असाधारण परिस्थितियों के कारण तत्काल अपने देश लौटने की स्थिति में नहीं होते। इसके तहत पात्र लोगों को एक निश्चित अवधि तक अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति मिलती है तथा उन्हें निर्वासन से अस्थायी सुरक्षा भी प्राप्त होती है।
TPS समाप्त होने के बाद ऐसे नेपाली नागरिक, जिनके पास अमेरिका में रहने का कोई अन्य वैध आव्रजन दर्जा नहीं है, उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। इससे वहां TPS के आधार पर रह रहे नेपाली नागरिकों के सामने कानूनी और आव्रजन संबंधी जोखिम बढ़ गया है।
नेपाल के अलावा अमेरिकी सरकार ने हैती, सीरिया, यमन, अफगानिस्तान, कैमरून, होंडुरास, निकारागुआ, वेनेजुएला, दक्षिण सूडान, म्यांमार (बर्मा), सोमालिया और इथियोपिया समेत कई देशों के नागरिकों के लिए भी TPS समाप्त करने का निर्णय लिया है।
इस फैसले से अमेरिका में रह रहे उन नेपाली नागरिकों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है, जो लंबे समय से TPS के सहारे वहां रह रहे थे और जिनके पास अमेरिका में रहने का कोई वैकल्पिक वैध आव्रजन दर्जा नहीं है।