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गड्डाचौकी सीमा से नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी

 

कंचनपुर, 10 भाद्र।

कंचनपुर की पश्चिमी सीमा गड्डाचौकी से नेपाल में प्रवेश करने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

गड्डाचौकी स्थित आव्रजन (इमिग्रेशन) कार्यालय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से इस सीमा नाके के जरिए नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

कार्यालय के सूचना अधिकारी नवराज भट्ट ने बताया कि गत आर्थिक वर्ष में इस नाके से 1,753 विदेशी पर्यटक नेपाल में प्रवेश किए। इसी अवधि में 1 करोड़ 5 लाख 18 हजार 119 रुपये राजस्व संग्रह किया गया। वहीं, 1,534 विदेशी पर्यटक इसी नाके से नेपाल से बाहर गए।

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आव्रजन कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार—

वर्ष

नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटक

2022

542

2023

983

2024

1,154

गत आर्थिक वर्ष

1,753

यह आँकड़े दर्शाते हैं कि गड्डाचौकी सीमा से नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

हालाँकि, सुदूरपश्चिम प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएँ होने के बावजूद इस सीमा से आने वाले अधिकांश विदेशी पर्यटक काठमांडू, पोखरा और अन्य प्रमुख शहरों की ओर चले जाते हैं।

सुदूरपश्चिम में खप्तड़, बडिमालिका, रामारोशन और शुक्लाफाँटा राष्ट्रीय निकुञ्ज जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल मौजूद हैं। लेकिन आधारभूत संरचना की कमी और पर्याप्त प्रचार-प्रसार न होने के कारण इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटक यहाँ अधिक समय नहीं बिताते।

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पर्यटन व्यवसायी जगदीशचंद्र भट्ट का कहना है कि गड्डाचौकी विदेशी पर्यटकों के प्रवेश का एक प्रमुख सीमा नाका है और यह भारत के कई प्रसिद्ध पर्यटन शहरों के काफी निकट स्थित है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीमा नाके पर ही पर्यटन सूचना डेस्क स्थापित किया जाए, जहाँ पर्यटकों को सुदूरपश्चिम सहित नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रवर्द्धन के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को समन्वय के साथ काम करना चाहिए।

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उधर, कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष दिनेश मल्ल ने कहा कि सुदूरपश्चिम में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन आकर्षक स्थलों तक पहुँचने के लिए पर्याप्त सड़क, आवास और अन्य सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर ऐसा वातावरण बनाया जाना चाहिए कि विदेशी पर्यटक कम से कम एक रात सुदूरपश्चिम में ठहरें।

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