नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ से कई प्रमुख राजमार्ग बंद, राजधानी आने-जाने पर बड़ा असर
काठमांडू।
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण देश के विभिन्न प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। नेपाल पुलिस की ताज़ा जानकारी के अनुसार, काठमांडू घाटी में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्गों से लेकर पहाड़ी जिलों को जोड़ने वाली कई सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से बाधित हो गई है।
नागढुंगा–मुग्लिन सड़क पूरी तरह बंद
काठमांडू के नागढुंगा से मुग्लिन तक का सड़क खंड बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए भाद्र 10 से ही पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके कारण राजधानी में प्रवेश और बाहर निकलने का सबसे प्रमुख मार्ग लगभग ठप हो गया है।
मेची राजमार्ग भी अवरुद्ध
इलाम जिले में मेची राजमार्ग के अंतर्गत राजदुवाली (झापा–ताप्लेजुङ सड़क) क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। हालांकि, पुलिस ने बताया है कि इस मार्ग के लिए वैकल्पिक सड़क का उपयोग किया जा सकता है।
बागमती प्रदेश में रात के समय वाहनों पर रोक
बाढ़ और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए बागमती प्रदेश के प्रमुख राजमार्गों पर रात के समय वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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बीपी राजमार्ग के खुर्कोट–नेपालथोक–कटुञ्जेबेंसी खंड पर शाम 6:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।
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दिन के समय भी सड़क की स्थिति का आकलन करने के बाद ही यातायात की अनुमति दी जाएगी।
कान्तिलोकपथ पर भी रात्रिकालीन प्रतिबंध
कान्तिलोकपथ के हेटौंडा–ठिंगन–बागमती–ललितपुर सड़क खंड पर शाम 7:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक वाहनों का संचालन रोक दिया गया है।
टोखा–छहरे मार्ग पर भी रोक
काठमांडू के टोखा–छहरे सड़क खंड के घट्टेपुल क्षेत्र में रात 10:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक किसी भी वाहन के चलने की अनुमति नहीं होगी।
रसुवा के सभी प्रमुख मार्ग लंबे समय से बंद
रसुवा जिले का त्रिशूली–मैल्युङ–स्याफ्रुबेशी सड़क खंड बाढ़ के कारण साउन 8 से ही पूरी तरह बंद है और इसके लंबे समय तक बंद रहने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा रसुवा के अन्य प्रमुख राजमार्ग भी साउन 10 से बंद पड़े हैं।
यात्रियों से पुलिस की अपील
नेपाल पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित मार्ग की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य लें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।


