नेपाल बाढ़ त्रासदी: शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता, राहत कोष में 40 करोड़ रुपये देगा नेपाल पुलिस
काठमांडू।
नेपाल पुलिस ने रसुवा के भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ हादसे में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। यह निर्णय बुधवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) दान बहादुर कार्की की अध्यक्षता में हुई पुलिस समन्वय समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि यह आर्थिक सहायता पुलिसकर्मियों के योगदान से बनाए गए राहत कोष से प्रदान की जाएगी।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए बड़े फैसले
नेपाल पुलिस ने दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है।
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नेपाल पुलिस कल्याण कोष से लिए गए विशेष ऋण पूरी तरह माफ किए जाएंगे।
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प्रभावित परिवार के एक इच्छुक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
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दिवंगत पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी नेपाल पुलिस उठाएगी।
निर्णय के अनुसार, बच्चों को प्राथमिक स्तर तक निकटतम पुलिस आवासीय विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी, जबकि उच्च शिक्षा के लिए काभ्रे के साँगा स्थित नेपाल पुलिस आवासीय विद्यालय में शिक्षण शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा।
लापता पुलिसकर्मियों की तलाश तेज होगी
बैठक में बाढ़ में लापता पुलिसकर्मियों की खोज को और प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञ खोज एवं बचाव दल तैनात करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, खोज अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।
नेपाल पुलिस ने घायल पुलिसकर्मियों के बेहतर उपचार का भी भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
प्रभावित पुलिस चौकियों के जवानों को 50-50 हजार रुपये
बाढ़ से प्रभावित पुलिस इकाइयों—इलाका पुलिस कार्यालय टिमुरे, अस्थायी पुलिस पोस्ट मैलुङ, पुलिस चौकी रसुवागढ़ी, पुलिस चौकी स्याफ्रुबेशी और पुलिस चौकी बेत्रावती—में तैनात जिन पुलिसकर्मियों का व्यक्तिगत सामान बाढ़ में नष्ट हुआ है, उन्हें प्रति व्यक्ति 50 हजार नेपाली रुपये राहत राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री राहत कोष में 40 करोड़ रुपये का योगदान
राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में नेपाल पुलिस ने प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में 40 करोड़ नेपाली रुपये देने का भी निर्णय लिया है। यह राशि भी देशभर के पुलिसकर्मियों के स्वैच्छिक योगदान से एकत्र की गई है।
इसके अलावा, राहत और सहायता प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मानव संसाधन विकास विभाग के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे शहीद, लापता और घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली सभी सुविधाओं और उपचार संबंधी सहायता का समन्वय करेंगे।
अब तक का आधिकारिक आंकड़ा
नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस भीषण बाढ़ त्रासदी में अब तक तीन पुलिसकर्मियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 25 पुलिसकर्मी अब भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए खोज अभियान लगातार जारी है।

