रसुवा में ७८ प्रतिशत घरों में विद्युत् सेवा पुनः संचालन
काठमांडू, भाद्र २२ – भोटेकोशी बाढ़ के कारण विद्युत् पूर्वाधार में भारी क्षति हुई है । प्रभावित रसुवा और नुवाकोट में विद्युत् सेवा पुनः संचालन में लाने क लिए ऊर्जा जलस्रोत तथा सिँचाइ मंत्रालय ने अपनी सक्रियता दिखाई है । मंत्रालय के अनुसार प्रतिकूल मौसम के बाबजूद धादिङ में लगभग ९९.८ प्रतिशत, नुवाकोट में ९६.७ प्रतिशत और रसुवा में लगभग ७८ प्रतिशत घर में विद्युत् सेवा पुनः संचालन की गई है । बाकी क्षेत्रों में विद्युत् संचालन के लिए नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के प्राविधिक टीम तैनात की गई है ।
अपर त्रिशूली–३ ‘ए’, अपर त्रिशूली–३ ‘बी’, चिलिमे, रसुवागढी, लाङटाङ, अपर त्रिशूली–१ और मैलुङ खोला आदि जलविद्युत् परियोजनाओं में खोज तथा उद्धार का कार्य जारी रहने की जानकारी मंत्रालय ने दी है ।
चिलिमे परियोजना में ‘मड पम्प’, जेनरेटर तथा वाटर पम्प हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुँचाया गया है । इसी तरह रसुवागढी परियोजना में उद्धार टीम विद्युतगृह तथा आसपास के क्षेत्रों तक पहुँच् गई है ।
लाङटाङ परियोजना के निकास मार्ग में जमें मीट्टी तथा बड़े चट्टानों को हटाने का काम हो रहा है । इसी तरह अपर त्रिशूली–३ ‘बी’में मिनी एक्स्कावेटर से मलबों को हटाने का काम हो रहा है । मंत्रालय के अनुसार मैलुङ खोला परियोजना में नेपाली सेना और कोरियन विशेषज्ञ टीम ने स्थलगत निरिक्षण किया है । बाढ़ प्रभावित परियोजनाओं के सुरुङ से उद्धार किए गए प्राधिकरण के दोनों कर्मचारियों और एक चीनी नागरिक का वीरेन्द्र सैनिक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है ।
इसी बीच, वैकल्पिक ऊर्जा प्रवद्र्धन केन्द्र के माध्यम से १३ कार्यालय के प्रयोजन के लिए और ५०० घरो के प्रयोजन के लिए सौर्य विद्युत् प्रणाली प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं ।
मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रसुवा में विद्युत् सेवा संचालन होने में समय लगने वाले स्थानों में एक हजार २६८ घर पहचान कर सौर्य प्रणाली वितरण की तैयारी की जा चुकी है । सड़कें अवरुद्ध क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर द्वारा सौर्य प्रणाली पहुँचने के लिए व्यवस्था मिलाए जाने की मंत्रालय के सहसचिव एवं प्रवक्ता मोहनकुमार शाक्य ने जानकारी दी ।


