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वक्त जो किसी का नहीं : श्वेता दीप्ति

 

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वक्त जो किसी का नहीं
डा.श्वेता दीप्ति

वक्त जो किसी का नहीं है,
उस वक्त का इंतजार
करने से पहले
सोचो कि, क्या वक्त
तुम्हारा इंतजार करता है ?
वक्त रुकता नहीं
बल्कि बहा ले जाता है
अपने साथ हर पल को ।
इसलिए सिर्फ आज और आज
हमारा है, हम सबका है ।
जहाँ आने वाले पल का पता नहीं
वहाँ कल पर
आज को छोड़कर जीना
वक्त को अपने हाथों से
बह जाने देना है ।
पाने और खोने के बीच
सिर्फ यही पल है
जिसे चाहो तो संजो लो,
या फिर, बह जाने दो,
निरर्थक ।

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