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भूलो मत, तुम अग्निपुंज हो, तुममें ही शक्ति है,संहार की : श्वेता दीप्ति

 

श्वेता दीप्ति , काठमांडू  ८ फरवरी  |

” युवा “

संचित करो खुद में
एक आग , एक जोश
वो जज्बा जो तुम्हें
ले जायेगा प्रगति पथ पर
भूलो मत , तुम अग्निपुंज हो .
तुममें ही शक्ति है,संहार की
और निर्माण की भी.
क्या हुआ जो राहें कठिन हैं
डरो मत, ये कठिनाइ ही
तुम्हें बल देती है ,तुम्हारे अंदर
जिद पैदा करती है स्वतंत्र होने की .
संघर्ष ही पथ प्रशस्त करेगी
आगे बढो और छू लो आसमान
जो स्वतंत्र है, सीमाविहीन है
अनंत है, अपरिमित है .

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madhesh sahid

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