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मीडिया में हो रहे मधेश विरोधी संक्रमण का ईलाज आवश्यक ः डा महेन्द्र विष्ठ

 

मीडिया में हो रहे मधेश विरोधी संक्रमण का ईलाज आवश्यक ः डा महेन्द्र विष्ठ
मनोज बनैता, लहान, १६ फागुन । नेपाल पत्रकार महासंघ के केन्द्रीय अध्यक्ष डा.महेन्द्र विष्ट ने जारी संविधान में संशोधन करने की जरुरत को आत्मसात करते हुए कहा कि मधेश और थारु की मांग सम्बोधन होना जरुरी है । उनहोने ये भी कहा कि देश की आधी जनसंख्या संविधान प्रति असन्तुष्ट होने के कारण प्रमुख राजनैतिक दल को गंभीर होने की आवश्यकता है ।
नेपाल पत्रकार महासंघ शाखा सिराहा के आठवी साधारणसभा में कल शनिवार के दिन लहान में अध्यक्ष विष्ट ने कहा कि मधेश आन्दोलन की घटना के बारे में मिशन गठन करके अनुगमन किया गया । जगह जगह पर पत्रकारिता के वारे अन्तरक्रिया भी की गई है । हमारा उदेश्य था विभेद किए गए परिमाण को नापने की सो हो गया । सरकार की तरफ से भी मानवअधिकार का घोर उल्लंघन हुआ है ।
अध्यक्ष डा. विष्ट ने कहा कि पत्रकार सबके लिए दुर्घटना बीमा, बैंक में पत्रकार के लिए बिना धरौटी कर्जा की व्यवस्था, सरकारी अस्पताल में निशुल्क उपचार, आमसंचार प्रतिष्ठान, संघीय अनुरुप के विशेष संरचना बना के संचारक्षेत्र को सशक्त रुप में आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिवद्ध हैं । नेपाल पत्रकार महासंघ सिरहा के सभापति देवकुमार यादव की सभाध्यक्षता में हुए उक्त कार्यक्रम में पूर्वाञ्चल संयोजक गणेश पोखरेल और केन्द्रीय सदस्य गणेश लम्साल ने पत्रकार आचार संहिता और श्रमजीवी ऐन कार्यन्वयन करनेके लिए नेपाल पत्रकार महासँघ सशक्त रुप मे आगे बढ रहने की जानकारी भी दी है ।
उसी तरह, नेपाल पत्रकार महासंघ सिरहा के नि.अध्यक्ष तथा मधेश मिडिया मिशन नेपालका अध्यक्ष दिनेश्वर गुप्ता ने कहा कि मधेश की पत्रकारिता के प्रति जो विभेद हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है । संचारक्षेत्र मे विभेद हुआ तो अन्य क्षेत्र की अवस्था क्या होगी ? अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि पत्रपत्रिका को महिनावारी लोककल्याणकारी का भुक्तानी दिया जा रहा है परंतु २५ लाख से भी ज्यादा लगानी किया गया एफएफ रेडियो सबको उसके अनुरूप कुछ भी नहीं दिया गया है । कार्यक्रम में प्रेस युनियन के सन्तोष सुवेदी और क्रान्तिकारी पत्रकार संघ के मणिलाल विश्वकर्मा ने कहा है कि मौफसल के पत्रकार के उपर हो रहा विभेद अन्त होना भी जरुरी है । उन्होंने श्रमजीवी ऐन कडाई के साथ लागु करने की अपिल भी की है । इसी तरह प्रेस मंच के मनोज बनैता, पत्रकार सुरेन्द्र यादव, पत्रकार शिवकुमार साह और महिला पत्रकार रिंकु दास ने कहा है कि मधेश और मधेशी पत्रकार की उपेक्षा करना समावेशी समानुपातिक मान्यता को चुनौती देना है । कार्यक्रम में स्वागत मन्तव्य उपाध्यक्ष गणेश साह और कार्यक्रम संचालन जीवछ यादव ने किया था ।

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