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मधेसी दलों ने कहा वार्ता आन्दोलन दिग्भ्रमित करने का सरकारी खेल ।

 

संवाददाता काठमाण्डू, बैशाख २७
आन्दोलनरत संयुक्त लोकतान्त्रीक मधेसी मोर्चा को सरकार द्वारा वार्ता में आने को पुनः औपचारिक पत्र भेजी गई है । सरकारी वार्ता टोली के संयोज रहें उप प्रधान तथा परराष्ट्रमन्त्री कमल थापा ने पत्र भेज वार्ता मे आने को आह्वान किया है ।
वार्ता द्वारा ही सभी समस्याओं काा सामाधान करने की प्रतिवद्धता पुनः दोहराति हुई यथाशिघ्र वार्ता के लिए नेपाल सरकार के तरफ से आपलोगों को हार्दिक अनुरोध कियाजाता है, इस प्रकार की बात थापा द्वारा भेजी गई पत्र मे उल्लेख है ।
गौ।तलव है सरकार और मोर्चा के बीच इस से पहले भी ३६ बार वार्ता हो चुकी है । दो प्रदेश के हिसाव से सीमांकन मुद्दा हल करने की मोर्चा की माग को प्रमुख तीन दल अस्वीकार करने के बाद सरकार व मोर्चा के बीच विगत दो महिने से वार्ता नही हो पाई है ।

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पत्र मे वार्ता कब और कहा होगी इस बात का खुलासा नही किया गया है । इस के अतिरिक्त मोर्चा के सात पर्टी मे से सरकार द्वारा मात्र चार पार्टी को वार्ता के लिए सम्बोधन कर पत्र भेजी गई है । साथ ही गठबन्धन के अन्य दलों को भी वार्ता के लिए आहवाहन नही किया गया है ।
संयुक्त लोकतान्त्रीक मधेसी मोर्चा के नेताओं ने सरकार मधेस आन्दोलन को दिग्भ्रमित करने के उद्देश्य से वार्ता आह्वाहन करने का आरोप लगाया है । मोर्चा ने कहा सींहदरबार घेरने की हमारी योजना व आन्दोलन को कमजोर बनाने की उनकी नीति तथा खेल के तहत हमें वार्ता मे बुलाइ गई है ।

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