मच्छिन्द्रनाथ की जात्रा आज गाःबहाल में
संवाददाता, काठमाण्डू २८ बैशाख
रातो मच्छिन्द्रनाथ की रथ जात्रा आज मंगलबार से सुरु हो बाजागाज के साथ गाःबहाल ले जाइ जाएगी ।
जात्रा मे पाटन के तात्कालीन रजा सिद्धिनरसिंह मल्ल के एतिहासिक खडग को मच्छिन्द्रनाथ के रथ पर रखी जाएगी । इसी के साथ जात्रा अवलोकन के लिए ललीतपुरकी जीवित देवी कुमारी को भी हख बहाल की मूल द्वार पर स्थापित अर्थात रखी जाएगी ।

रथ गाःबहाल से महापाल, मंगलबजार, सुनधारा, महाबौद्ध, थैना, टंगाल, लगनखेल से थतिटोल पहुँचाइ जाएगी । पुलचोक मे रथ आरोहन के बाद सुरु हुई मच्छिन्द्रनाथ की जात्रा जावलाखेल मे भोटो दिखाने के बाद सम्पन्न होगी । उस के बाद मच्छिन्द्रनाथ को छोटे से खट मे रख गुरुजू पल्टन के साथ बंगमती पहुँचाइ जाएगी ।
जनमान्यता के अनुसार बारह वर्षो तक पानी न पडने से उत्पन्न अनीकाल के बाद वर्षात के लिए भक्तपुर के तत्कालीन राजा नरेन्द्रदेव, कान्तिपुर के बन्धुदत्त आचाजु एवम् ललितपुर के ललित ज्यापु भारत असम के कामरुपकामक्ष से मच्छिन्द्रनाथ को लाने की कथन व्याप्त है । लेकिन गोपाल बंशावली मे मच्छिन्द्रनाथ को कामरुपकामक्ष से लाके की कोइ वात उल्लेख नही किया गया है । बंशावली मे राज नरेन्द्रदेव एवम् आचार्य बन्धुदत्त ने मच्छिन्द्रनाथ की जात्रा चलाने की बात उल्लेख है । नरेन्द्रदेव ने उक्त जात्रा ६३४ से ६७१ तक चलाने की विश्वास की जाति है ।

