रविवार को इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए दो बम धमाकों में मरने वालों की संख्या १६५हो गई है।
रविवार को इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए दो बम धमाकों में मरने वालों की संख्या १६५हो गई है।

बग़दाद के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने पहले की इसकी आशंका जताई थी कि मरने वालों की संख्या १७०तक पहुंच सकती है। इन धमाकों में १५०से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
इससे पहले बग़दाद के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहम्मद अल रुबाई ने कहा था कि राजधानी के कराडा इलाक़े में हुए धमाके में लगभग १७० लोगों की मौत हुई है।
इराक़ सरकार ने इन धमाकों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
इस हमले को २००७के बाद इराक़ में सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।
चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है।
बग़दाद के कराडा ज़िले में एक विस्फ़ोटकों से भरी लॉरी से एक रेस्तरां के पास धमाका किया गया। धमाके के वक्त रमज़ान में रोज़े रखने वाले लोग वहाँ बड़ी तादाद में मौजूद थे।
दूसरा धमाका बग़दाद के उत्तर में स्थित एक शिया बहुल इलाक़े में हुआ, जिसमें छ लोगों की मौत हो गई है।
कराडा में घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे इराक़ी प्रधानमंत्री हैदर अल आब्दी पर गुस्साए लोगों ने पथराव किया है।
घटना शनिवार शाम की है। वहाँ की व्यस्त सड़क रमज़ान के महीने में शाम के वक़्त ख़रीददारी करने वालों से पूरी तरह भरी हुई थी।
ये बम धमाके इराक़ी सेना के फलूजा को इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े के छुड़ाने के एक सप्ताह के बाद ही हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक़ यह शहर बग़दाद पर हमला करने के लिए आईएस के लिए लाँचिंग पैड का काम करता था।
इराक़ के उत्तर और पश्चिमी इलाक़ों पर आईएस का कब्ज़ा है। इनमें इराक़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर मोसूल भी शामिल है।
आईएस पर इराक़ और पड़ोसी देश सीरिया ने भारी दवाब बनाया है।


