प्रचण्ड के नेतृत्व की सरकार में झलनाथ का सहभागी होना संभावी
२४ जुलाई, काठमाण्डू ।
नेकपा एमाले के वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल ने माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष प्रचण्ड के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में नेकपा एमाले के सहभागी हो सकने का आशय व्यक्त किया है । काँितपुर पत्रिका के एक अन्तरवार्ता में भी खनाल का कहना था कि नियमावली के तहत प्रधानमंत्री को राजीनामा दे देना चाहिए ।
खनाल के अनुसार यदि प्रचण्ड नें मन व हृदय से ही राष्ट्रिय सहायता महसूस की है तो पहले राष्ट्रपति के आह्वाहन के बीच में ही बातचीत होनी चाहिए ।
प्रधानमंत्री के काम में क्या कमी हुई इस पर भी चर्चा हो और यदि एमाले को प्रतिपक्ष में ही रहना है तो उनकी इस अवधारण की जय हो । इस तरह की गतिविधियों से संविधानिक कार्यान्वयन का न होना तो तय ही है । उनके अनुसार अविश्वास प्रस्ताव ने हमारे बीच अविश्वास को बढाया है व एसे में यह स्थिति उसी प्रकार की है जैसे जहाज से गिरने व भागने वाले चूहों की प्रवृत्ति वालों को फायदा हो जाए । खनाल नें अविश्वास प्रस्ताव को दुर्भाग्य पूर्ण बताया है व कहा कि यह समय ओली के काम की विवेचना का था न कि इन चीजों का । इसी सरकार नें भारत के साथ अच्छे संबंध बनाये व चीन के साथ सम्झौता भी किया व इस समय ऐसी स्थिति का आना ठीक नही है ।


