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हिन्दी बोलने वाले डोरेमन से पाकिस्तान और इमरान खान को खतरा

 

 

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पाकिस्तानी बच्चे कार्टून सीरियल डोरेमॉन के फैन हैं। वे उसके किरदार डोरेमॉन, नोबिता, शिजुका, जियान आदि के अंदाज में हिंदी बोल रहे हैं। इससे वहां की पार्टियां परेशान हैं। खासकर इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी। उसने बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब विधानसभा में डोरेमॉन पर बैन करने का प्रपोजल पेश किया। कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई और फिटनेस प्रभावित हो रही है। वे अब भारत की हिंदी भी बोलने लगे हैं। भारत की तरफ से यह पाकिस्तान पर एक सांस्कृतिक हमला है।  दरअसल, डोरेमॉन पाक में सबसे अधिक हिंदी डबिंग में देखा जा रहा है। इसके खिलाफ पंजाब विधानसभा के सदस्य मलिक तैमूर ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी-पेमरा के माध्यम से इस कार्टून को दिखाने वाले चैनलों पर भी बैन लगाने का प्रपोजल रखा है।इसमें कहा है कि कार्टून चैनल्स को 24 घंटे के बजाए कुछ घंटों के लिए भी प्रोग्राम दिखाने का आदेश जारी किया जाए। ये कार्टूंस जिस तरह से भारतीय भाषा बोलते हैं, उससे हमारे समाज को खतरा पैदा हो गया है। लगभग सभी पार्टियों का कहना है कि उर्दू बोलने वाले परिवारों के बच्चे भी डोरेमॉन को अंग्रेजी के बजाए हिंदी में देखना पसंद करते हैं। इसलिए उनकी आम बोलचाल में हिंदी के शब्द बढ़ रहे हैं।

लाहौर निवासी अर्बन सोशियोलॉजिस्ट नुजहत एस सिद्दीकी का कहना है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के पास क्या यहीं एक मुद्दा रह गया था। उन्हें बच्चों से इतनी चिढ़ क्यों है? अाखिर डोरेमॉन मुद्दा ही क्यो है? टीचर स्कूलों में छोटे बच्चों को पीट रहे हैं और पीटीआई ने डोरेमॉन पर बैन का मुद्दा चुना है। उन्हें अंदाज नहीं है कि ऐसा किया गया तो बच्चे उनके साथ क्या कर गुजरेंगे।

किसने बनाया था डोरेमॉन?

– डोरेमॉन जापानी फुजिको एफ फुजिओ द्वारा बनाया गया एक जापानी कार्टून सीरीज है।

– यह एक रोबोटिक बिल्ले की कहानी है, जिसका नाम डोरेमॉन है। यह स्कूली बच्चे नोबिता की मदद करता है।

– डोरेमॉन सीरीज पहली बार 1969 में एक साथ छह मैगजीन में पब्लिश हुआ था। इसमें कुल 1344 कहानियां हैं।

 

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